जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : कनॉट प्लेस में शोरूम और दुकानों में बिजली की सप्लाई करने वाले भारी भरकम जेनरेटर अब छतों पर नहीं लग सकेंगे। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कनॉट प्लेस में छतों पर रखे जेनरेटर को उतारने का अभियान छेड़ दिया है। मंगलवार को एनडीएमसी ने एम ब्लॉक की छतों पर रखे चार जेनरेटर उतार दिए। आगामी दिनों में कनॉट प्लेस आउटर, मीडिल और इनर सर्किल की छतों पर रखे जेनरेटर को उतारने का अभियान जारी रहेगा।

एनडीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिट¨रग कमेटी के आदेश पर नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की नियमों के विरुद्ध काम करने वालों पर कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही। कमेटी के निर्देश के बाद मंगलवार को एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस एम ब्लॉक की छत से चार जेनरेटर उतारे। अधिकारी ने बताया कि ये जेनरेटर कनॉट प्लेस की इमारत के लिए नुकसानदायक होने के साथ-साथ पर्यांवरण के लिए भी खतरनाक हैं। दरअसल, डेढ़ वर्ष पूर्व दो इमारतों की छत गिर गई थी। इसलिए यह कार्रवाई की गई है। जब जेनरेटर उतारने के लिए विशेष क्रेन मंगाई गई तो राहगीरों के साथ दुकानदारों की भीड़ लग गई।

अधिकारी के अनुसार, दुकानदार इन जेनरेटर का वार्षिक किराये के आधार पर उपयोग करते हैं। एनडीएमसी के अनुसार, जेनरेटर उतारने के साथ ही कनॉट प्लेस में भवन नियमों के दुरुपयोग के चलते चार संपत्तियों को सील भी किया गया है।

बता दें कि कनॉट प्लेस की इमारतों को पुरानी तकनीक के जरिये बनाया गया था। छतों पर रखे भारी भरकम जेनरेटर से कंपन पैदा होता है, जिससे इमारत के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है। डेढ़ वर्ष पूर्व दो इमारतों की छत गिरने के बाद एनडीएमसी ने कनॉट प्लेस की इमारतों की जांच की थी, जिसमें सामने आया कि पानी की भारी टंकी और जेनरेटर इमारतों के लिए नुकसानदायक हैं।

:::::::::::::: 'बिजली जाने की रहती है आशंका'

कनॉट प्लेस की छतों से जेनरेटर उतारने को लेकर कनॉट प्लेस के दुकानदारों ने रोष व्यक्त किया है। दुकानदारों का कहना है कि एनडीएमसी का इलाका होने की वजह से 95 फीसद निर्बाध बिजली की आपूर्ति होती है और पांच फीसद बिजली गुल होने की आशंका रहती है। अगर ऐसी स्थिति में बिजली चली जाएगी तो ग्राहकों पर बुरा असर पड़ेगा और व्यापारियों को काफी नुकसान होगा। नई दिल्ली ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव का कहना है कि एनडीएमसी को बिना किसी कट के बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। जेनरेटर उतारने से बड़े-बडे़ रेस्तरां की प्रतिष्ठा को उस समय नुकसान होने की आशंका है जब ग्राहकों की मौजूदगी में पावर कट लग जाता है। उन्होंने कहा कि कई दुकानदार खुद से जेनरेटर उतारने की योजना बना रहे हैं, लेकिन क्रेन से इसे उतारने का खर्च 25-30 हजार रुपये आ रहा है। और एनडीएमसी ने पहली बार ऐसी कार्रवाई की है पता नहीं कितना जुर्माना लगाकर इन जेनरेटर को छोड़ा जाएगा। इसलिए दुकानदार दुविधा में हैं।

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