AI समिट में 'तीसरी आंख' होगा एनडीएमसी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 24 घंटे तैनात रहेगी टीमें
एनडीएमसी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) दिल्ली में एआई समिट के दौरान 'तीसरी आंख' के रूप में काम ...और पढ़ें

एआइ इंपैक्ट समिट को लेकर एनडीएमसी इलाके अकबर रोड के समीप गोलंबर पर फूलों से बने बोर्ड को का दिखाते एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल।

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार से शुरू हो रहे एआई समिट में सुरक्षा, सफाई व यातायात प्रबंधन में एनडीएमसी का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) ''तीसरी आंख'' का काम करेगा। उससे क्षेत्र में लगे एनडीएमसी के 333, दिल्ली पुलिस के 183 और पीडब्ल्यूडी के 214 सीसीटीवी जुड़े हैं।
सेंटर में तैनात कर्मी सीसीटीवी से एक-एक सड़क और स्थान पर निगाह रखे हुए हैं। कमांड सेंटर में 24 घंटे कर्मी तैनात हैं। जिसमें निदेशक, संयुक्त निदेशक, नोडल अधिकारी और सभी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। वहीं, उससे मिली शिकायत के त्वरित समाधान के लिए एक बहुविभागीय टीम भी तैनात है।
खास बात कि आइसीसी से एनडीएमसी के सफाई व सेवा से जुड़े 959 आएफआइडी कूड़ेदान, 10 जेटिंग मशीन, 12 मैकेनिकल रोड स्वीपर, आठ एंटी-स्माग गन और 14 पानी के टैंकर भी रियल टाइम जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनके मार्ग और काम पर नजर रखी जा रही है। कोई वाहन अगर भटकता है तो तुरंत अलर्ट मिल जाता है।
समिट के लिहाज से एनडीएमसी का टाल्सटाय मार्ग, जनपथ, विंडसर राउंडअबाउट, अशोक रोड, सी-हेक्सागन, अकबर रोड, पीएम राउंडअबाउट, तीन मूर्ति, एमटीसी रोड और सरदार पटेल मार्ग समेत कुल 41 सड़कों पर विशेष ध्यान है। जहां मशीन से सफाई, रात में कूड़ा उठाने की व्यवस्था और जीरो कचरा जमा नीति लागू है ताकि कहीं भी गंदगी न रहे।
इसी तरह, होटलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में 99 हाट स्पाट चिन्हित किए गए हैं, जहां से कई बार कूड़ा उठाया जा रहा है। पुलिस व विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारी व्यवस्था का निरीक्षण करते एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि आइसीसीसी से विभिन्न सेवाओं और कार्यों पर नजर रखना तथा उसका जल्द समाधान आसान हो गया है।
वायु प्रदूषण को रखा जाएगा दुरुस्त
समिट के दौरान वायु गुणवत्ता पर भी खास नजर रखी जा रही है। एनडीएमसी क्षेत्र में 20 प्रदूषण सेंसर लगाए गए हैं, जो छह से आठ मानकों पर हवा और वातावरण की जांच कर रहे हैं। अगर किसी स्तर में गड़बड़ी होती है तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचना मिल जा रही है। वहीं, एनडीएमसी 311 एप और फोन से आने वाली सभी शिकायतें भी इसी कंट्रोल सेंटर से देखी जाती हैं और अपने आप संबंधित अधिकारी तक पहुंच जाती हैं। समाधान के बाद शिकायतकर्ता को अपडेट भी मिल जाता है।
और हराभरा नजर आ रहा एनडीएमसी क्षेत्र, ट्यूलिप महोत्सव करेगा मेहमानों का स्वागत
एआई समिट में आने वाले मेहमानों के स्वागत तथा उन्हें अच्छा अनुभव देने के लिए एनडीएमसी क्षेत्र सजधज कर तैयार है। कुलजीत चहल ने बताया कि 15 से अधिक गमले वाले पौधे, चार हजार हैंगिंग बास्केट, 15 फ्लोरल बोर्ड और 23 फ्लोरल फाउंटेन लगाए जा रहे हैं। जबकि, समिट के दौरान शांति पथ पर ट्यूलिप महोत्सव का भी आयोजन होगा। इसी तरह, सभी प्रमुख 41 सड़कों पर साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और रोड सेफ्टी उपकरण लगाए जा रहे हैं। कई इमारतों और चौराहों को खास लाइटिंग से सजाया जा रहा है ताकि राजधानी रात में और भी सुंदर दिखाई दे।
समिट को लेकर एनडीएमसी की तैयारी
-आइसीसीसी से पूरे एनडीएमसी क्षेत्र की रियल-टाइम मानिटरिंग
-333 एनडीएमसी और 183 दिल्ली पुलिस सीसीटीवी से 24 घंटे सुरक्षा निगरानी
-यातायात नियंत्रण के लिए विशेष हेल्पलाइन
-जीपीएस से सफाई वाहनों की हर गतिविधि पर नजर
-आरएफआइडी कूड़ेदान से जीरो वेस्ट की दिशा में कदम
-99 हाट स्पाट पर दिन में कई बार कूड़ा संग्रह
-20 प्रदूषण सेंसर से छह से आठ मानकों पर हवा की जांच
-24 घंटै तैनात बहुविभागीय नियंत्रण टीम
-41 प्रमुख सड़कों की आधारभूत संरचनाओं को किया गया बेहतर
-15 हजार गमले, 4,000 हैंगिंग बास्केट से हर सड़क सजी
-खास लाइटिंग से इमारतें और चौराहे जगमगाए
एआई को दर्शाएगी कलाकृति
एमसीडी द्वारा भी भारत मंडपम के साथ ही लोधी रोड, शांति रोड, बहादुर शाह जफर मार्ग समेत अन्य स्थानों व मार्गों पर खाली स्थानों, चौराहों, तिराहों को आकर्षक हरियाली और कलाकृति से सुंदर बनाया जा रहा है। एमसीडी अधिकारी के अनुसार उनके क्षेत्र में सात स्थानों पर कलाकृतियां स्थापित की गई है। भारत मंडपम के सामने कोडिंग आधारित कलाकृति लगाई जा रही है, जो एआइ की अहमियत को दर्शा रहा है।
