जंतर-मंतर की दीवारों से मिटे पोस्टर, लेकिन NEET आंदोलन की गूंज अब भी बरकरार
एनडीएमसी ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों को प्रदर्शन समाप्त होने के बाद रिकॉर्ड 12 घंटे में साफ कर दिया। ...और पढ़ें
HighLights
प्रदर्शन के बाद जंतर-मंतर 12 घंटे में साफ।
NDMC ने 60 मीट्रिक टन कचरा हटाया, सड़कें धोईं।
सफाई अभियान में 500 से अधिक कर्मी तैनात।
शशि ठाकुर, नई दिल्ली। जंतर-मंतर से प्रदर्शन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन नीट आंदोलन की गूंज अब भी बरकरार है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद शनिवार रात से रविवार दोपहर तक रिकॉर्ड 12 घंटे में एनडीएमसी ने जंतर-मंतर समेत अन्य स्थानों को फिर से पुरानी स्थिति में लौटाया। जिसमें विशेष सफाई अभियान के साथ सड़कों की धुलाई तथा टूट-फूट की मरम्मत रही।
वैसे, हरियाली को दुरुस्त करने में 24 घंटे का समय और लगेगा। प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास के इलाकों में चले अभियान में करीब 60 मीट्रिक टन मिश्रित कचरा उठाया गया। सड़कों की धुलाई के साथ दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक नारों पर भी रंग-रोगन करवाकर उन्हें पहले की तरह साफ-सुथरा बनाया।

जंतर मंतर स्थित धरना स्थल पर के पास टूट फूट की मरम्मत करते एनडीएमसी कर्मी। जागरण
500 से ज्यादा कर्मचारी तैनात
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि वैसे, शुक्रवार से ही इस दिशा में एनडीएमसी सक्रिय है। शुक्रवार को करीब 25 मीट्रिक टन मिश्रित कचरा जंतर- मंतर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया था।

कचरे की इस भारी मात्रा को देखते हुए आंदोलन समाप्ति के बाद एनडीएमसी को पूरे इलाके में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन तैनात करने पड़े हैं। प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास सफाई कर्मचारियों, वाहनों तथा अत्याधुनिक मशीनीकृत सफाई उपकरणों की तैनाती की गई है।

जंतर मंतर स्थित धरना स्थल पर लगे बैरिकेड्स पर लिखे गए स्लोगन को पेंट किया गया। हरीश कुमार
प्रदर्शन के आसपास स्थानों पर सिविल इंजीनियरिंग और उद्यान विभाग के 500 से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इसी तरह, सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने करीब 50 कर्मियों ने चार हाई-प्रेशर जेटिंग मशीनों की मदद से सड़कों व फुटपाथों की धुलाई की।

टॉलस्टॉय मार्ग पर दीवारों पर लिखे स्लोगन पर पेंट करते कामगार। चंद्र प्रकाश मिश्र
वहीं, टॉलस्टॉय मार्ग पर स्थित होटल और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की दीवारों पर लिखे गए नारों व कलाकृतियों को पुताई करके मिटाया गया है। साथ ही क्षतिग्रस्त कर्ब स्टोन और फुटपाथों की मरम्मत भी की गई।
शुक्रवार से तेज हुई थी प्रक्रिया
एनडीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को क्षेत्र से तीन टिप्पर भरकर निर्माण सामग्री का मलबा, पत्थर और भारी ठोस कचरा हटाया गया था।
सड़कों की मशीनीकृत सफाई के लिए शनिवार शाम तक चार बड़े ट्रक, 10 आटो- टिप्पर और छह गाबलर मशीनें लगातार तैनात हैं। सफाई व्यवस्था को आगे भी मजबूत बनाए रखने के लिए सुबह की पाली में 50, शाम को 20 और रात के लिए एक विशेष टीम मुस्तैद की गई थी।
जबकि एक अन्य विशेष टीम को रात में भी तैनात किया गया था। केवल साधारण कचरा ही नहीं, बल्कि निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े कचरे, पत्थरों और अन्य मलबे को हटाने के लिए नागरिक इंजीनियरिंग विभाग से अतिरिक्त कर्मी और भारी मशीनों की सेवाएं भी ली गई हैं।

एनडीएमसी कर्मियों द्वारा टॉलस्टाय मार्ग, जंतर- मंतर रोड, जय सिंह रोड, संसद मार्ग और कनॉट प्लेस के इनर तथा आउटर सर्कल तक सफाई की गई है।
शुक्रवार को क्षेत्र से तीन टिप्पर भरकर निर्माण सामग्री का मलबा, भारी पत्थर और अन्य ठोस कचरा हटाया गया। लगातार कचरा उठाने और सड़कों की मशीनीकृत सफाई के लिए इस समय चार बड़े ट्रक, 10 आटो-टिप्पर और छह गाबलर मशीनें लगातार मैदान में जुटी हुई हैं।
यह सफाई अभियान केवल जंतर- मंतर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टालस्टाय मार्ग, जंतर-मंतर रोड, जय सिंह रोड, संसद मार्ग और कनॉट प्लेस के इनर तथा आउटर सर्कल तक फैला हुआ है।
