नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। कोरोना काल में उच्च शिक्षण संस्थान बंद है। छात्र घर की दहलीज के अंदर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। कोरोना से उपजी परिस्थितियों के कारण छात्र चिंतित और तनावग्रस्त हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने तनाव, अवसाद आदि से उबरकर मानसिक शांति दिलाने में योग के प्रभाव पर अध्ययन किया है। 

शोधार्थियों ने आनलाइन योग पाठ्यक्रम के सभी छात्रों के व्यवहार और मानसिक स्थिरता को मास (द माइंडफुल अटेंशन अवेयरनेस स्केल) पर मापा। इसमें पाया गया कि तीन से छह हफ्ते का योग भी मानसिक शांति में मददगार है।

योग करने वाले लाकडाउन में कम तनाव में थे

आइआइटी दिल्ली ने लाकडाउन के दौरान एक अध्ययन किया। इसमें प्रतिभागियों को योग करने वाले, आध्यात्मिक जीवन में लीन रहने वाले और दोनों में ही शामिल न रहने वालों के समूह में बांटा गया। इसमें उनके रोजाना के अभ्यास और उसकी प्रतिक्रियाओं को आधार बनाया गया। योग करने वालों को उनके प्रैक्टिस की अवधि- दीर्घकालिक, मध्य कालिक और शुरुआती के आधार पर विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि लंबे समय से योग करने वालों का खुद पर नियंत्रण और कोविड से बचने की संभावना अधिक पाई गई। योग करने वालों में बैचेनी और डिप्रेशन की दिक्कत नहीं के बराबर थी। उनका मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर था।

आनलाइन पाठ्यक्रम

  • नवयोग सूर्योदय सेवा समिति ने शुरू किया था पाठ्यक्रम
  • छह हफ्ते का आनलाइन पाठ्यक्रम था
  • सप्ताह में छह दिन योग सिखाया गया
  • सोशल मीडिया के जरिये विभिन्न विश्वविद्यालयों के 67 छात्रों ने लिया दाखिला।
  • फेसबुक पर योग का लाइव प्रसारण भी किया गया।

पाठ्यक्रम में ये आसन

  • 10 मिनट तक चार आसन
  • भस्त्रिका, कपालभाति भी करते
  • 10 मिनट तक ओम का उच्चारण
  • 15 मिनट तक ध्यान एवं धीमा संगीत
  • डीयू, जेएनयू और एसएलबीएसएनएस विवि शोधार्थियों ने किया संयुक्त शोध
  • छह सप्ताह के योग पाठ्यक्रम के छात्रों पर किया गया अध्ययन

शोध टीम के सदस्य

असिस्टेंट प्रोफेसर नवदीप जोशी : लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय।

असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम सिंह : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय स्पोर्टस डिपार्टमेंट

असिस्टेंट प्रोफेसर डा. ममता सहरावत : दिल्ली विश्वविद्यालय

ये होता है मास स्केल

मास स्केल, सवाल-जवाब के आधार पर तय किया जाता है। 15 विभिन्न पैमानों पर तैयार सवालों के आधार पर जवाब देने वाले को परखा जाता है। उसके बाद स्केल तय होता है। इससे मानसिक स्थिरता का पता चलता है।

शोधार्थियों ने कहा

  • सूर्य नमस्कार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक।
  • संक्रमण के चलते पार्क बंद है ऐसे में फिजिकल एक्टिविटी के लिए योग सही।
  • कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारी के लिए योग जरूरी

Edited By: Mangal Yadav