नई दिल्ली [निहाल सिंह]। स्त्रोत पर ही कचरे का निस्तारण होगा तो न केवल हमारा शहर स्वच्छ होगा बल्कि देशभर के निकायों को मिलने वाली स्वच्छता रैकिंग में भी सुधार होगा। इसी दिशा में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम स्रोत पर ही कचरा निस्तारण के लिए नागरिकों को प्रेरित कर रहा है। इसी के तहत वसंतकुंज के संतुष्टि अपार्टमेंट में नागिरकों के सहयोग से कंपोस्टिंग प्लांट शुरू करके स्रोत पर ही कचरे के निस्तारण के लिए मिशाल पेश की है। इस प्लांट के जरिये अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों की रसोई से जो गीला कचरा निकल रहा है उसका खाद बनाने में उपयोग किया जा रहा। नतीजतन यह गीला कचरा जो कि लैंडफिल पर जाने वाला था अब वह नहीं जा रहा है।

निगम के अनुसार जीरो वेस्ट लोकैलिटी कार्यक्रम के तहत सोसाइटी में कूड़े से खाद बनाने के लगाए गए प्लांट से प्रतिदिन लैंडफिल पर जाने वाला 400 किलो कू़ड़ा वहां नहीं जा रहा है। अक्टूबर 2021 में लगाए गए इस प्लांट से अब तक 40 टन गीले कचरे का निस्तारण कर दिया गया है। इसमें से 135 किलो खाद यहीं के निवासियों को उनके घर के पेड़ पौधों में लगाने के लिए दी गई है। बाकि खाद को भी सोसाइटी के पार्क में पौधों की जरूरत के हिसाब से उपयोग किया जाएगा।

निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य है कि स्त्रोत पर ही कूड़े का सौ प्रतिशत निस्तारित किया जाए। इसके चलते ही संतुष्टि अपार्टमेंट सोसायटी में "विकल्प अभियान" के अंतर्गत कपड़े के थैले बनाने का सिलाई केंद्र, हर प्रकार के घरेलू कूड़े को अलग अलग इक्ट्ठा करने के लिए केंद्र बनाया है। इसमें गीले कचरे के साथ ही प्लास्टिक कचरे और इलेक्ट्रानिक वेस्ट के निस्तारण का भी विकल्प लोगों को दिया गया है। गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए नेकी की दीवार भी बनाई गई है।

उल्लेखनीय है कि सालिड वेस्ट मैनेजमैंट उपनियम 2017 के तहत ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी से लेकर रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को स्रोत पर ही कचरे का निस्तारण करना है। ऐसा न करने पर जुर्माने का भी प्रविधान है। हालांकि निगम अभी जुर्माना नहीं लगा रहा है। इसमें नागरिकों को जागरुक करके कचरा निस्तारण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य स्वच्छ रैकिंग में उच्च स्थान प्राप्त करना भी है।

Edited By: Prateek Kumar