नई दिल्ली जागरण संवाददाता। प्याज एक बार फिर लोगों के आंखों से आंसू निकालने को बेताब है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर की मंडियों में आवक में कमी होने के कारण खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत प्रति किलो 100 रुपये को पार कर गई है। ऐसी स्थिति तब है, जब लगातार दो दिनों से इसकी थोक कीमत में गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि आढ़तियों का कहना है कि प्याज की मौजूदा कीमतों में अब बढ़ोत्तरी नहीं होगी। कीमत फिलहाल स्थिर रह सकती है। इसकी वजह यह है कि मंडियों में इसकी आवक बढ़ने लगी है।

आजादपुर मंडी के आलू प्याज मर्चेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा के अनुसार, मंगलवार को प्याज थोक में न्यूनतम 30 व अधिकतम 60 रुपये किलो तक बिका। मंगलवार को यहां राजस्थान से 17 हजार बोरियां व मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्यों से प्याज की 30 गाड़ियां आईं। सोमवार को राजस्थान से 11 हजार बोरियां आवक रहीं थीं।

यही कारण रहा है कि सोमवार के मुकाबले मंगलवार को प्रति किलो थोक कीमत में पांच से दस रुपये तक की गिरावट देखी गई, जबकि शनिवार को सात हजार बोरियां व 26 गाड़ियां ही पहुंची थी। इस कारण शनिवार को यह थोक में प्रति किलो अधिकतम 80 रुपये तक पहुंच गया था, जो इस सीजन की अब तक की रिकार्ड कीमत थी, इस कारण खुदरा बाजारों में यह प्रति किलो 110 रुपये से 120 रुपये तक बिका था। उनके अनुसार दो दिनों से जिस तरह से आवक बढ़ी है, ऐसे में यह उम्मीद है कि आगे कीमत में इजाफा नहीं होगा।

बारिश के कारण आवक में आई गिरावट

आजादपुर मंडी के आढ़तियों ने बताया कि राजस्थान समेत दक्षिण भारत, महाराष्ट्र आदि राज्यों में पिछले दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण खेतों में लगी प्याज की नई फसल को नुकसान पहुंचा। वहीं बारिश के कारण मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। इसके चलते मंडियों में प्याज की आवक में कमी आई। ऐसे में मांग बढ़ने व आवक कम होने से कीमतें आसमान छूने लगीं।

आजादपुर मंडी में प्रति दिन औसतन एक हजार से 1200 टन प्याज की मांग रहती है, लेकिन मौजूदा समय में 800 टन की भी आवक नहीं हो पा रही है। हालांकि आढ़तियों का कहना है कि राजस्थान आदि राज्यों में प्याज की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है, ऐसे में अब कीमतों में गिरावट आ सकती है। लेकिन बारिश हुई तो स्थिति पहले जैसी हो सकती है।

प्याज की कीमतों पर भाजपा ने AAP ने साधा निशाना

वहीं, दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के राजनीतिक प्रपंचों के चलते रोजमर्रा की जरूरत प्याज 80 से 100 रुपये किलो बिक रहा है। इसकी प्रमुख वजह दिल्ली सरकार द्वारा प्याज का पर्याप्त स्टॉक न रखना है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को पत्र भेजकर बताया कि बार-बार कहने पर भी राज्य सरकार ने प्याज का बफर स्टॉक नहीं बनाया। भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रलय के आर्थिक सलाहकार ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि 4 अक्टूबर, 2019 को भेजा प्याज का ऑर्डर रोक दिया गया है क्योंकि केजरीवाल सरकार ने पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही है। अगर सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तो सरकारी स्टॉल कहां गायब हो गए। सरकार ने 70 मोबाइल वैन व 400 दुकानों पर 23.90 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने का वादा किया था।

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Posted By: JP Yadav

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