नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। अब अगले दो तीन दिनों में समूचे उत्तर भारत सहित दिल्ली-एनसीआर में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे आंशिक रूप से ही सही, गर्मी से राहत मिलेगी। इस बीच शनिवार को न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, इन दिनों पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। इससे दो तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ सहित दिल्ली में ठीकठाक बारिश होने की संभावना है। वहीं 25 मार्च से उत्तर भारत से आने वाली हवा भी दिल्ली वासियों को तेज गर्मी से कुछ राहत प्रदान करेगी। इससे तापमान में भी कमी आएगी।

इससे पहले राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को एक बार फिर धूप से गुफ्तगू कर बादल लौट गए। नतीजतन सूरज की तपिश के कारण तापमान जहां 34 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। वहीं, सुबह और शाम के समय भी गर्मी का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बारिश की उम्मीद जताई थी। इससे दिल्ली वालों को लगा कि मार्च के महीने में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, कई बार बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं हुई। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) के मुताबिक, दिल्ली का अधिकतम तापमान शुक्रवार को सामान्य से चार डिग्री अधिक 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 30 से 85 फीसद रहा। दिल्ली का स्पोट्र्स कांप्लेक्स इलाका 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म दर्ज किया गया। यहां का न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिल्ली-एनसीआर की हवा में हुआ सुधार

राजधानी की हवा में शुक्रवार को सुधार दर्ज हुआ है, जबकि एनसीआर में शामिल अमूमन सभी शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। अगले 48 घंटों में एनसीआर की हवा में भी सुधार होने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 279 दर्ज किया गया। एनसीआर में शामिल गुरुग्राम की हवा भी 272 एयर इंडेक्स के साथ खराब श्रेणी में ही रही। वहीं, एनसीआर में शामिल अन्य सभी शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। सफर के अनुसार, इन दिनों दक्षिण-पश्चिम दिशा से आने वाली धूल भरी हवा पीएम 10 की मात्र को बढ़ा रही हैं। इस वजह से प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। अगले 48 घंटे में हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। इसके बाद हवा खराब श्रेणी के निचले स्तर में पहुंच सकती है।

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