नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। देश की राजधानी दिल्ली में बीते कई दिनों से पानी किल्लत को लेकर मचे राजनीतिक घमासान के बीच उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इस कड़ी में एलजी अनिल बैजल ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) से फोन पर बात करने के बाद बुधवार को दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ के समीक्षा बैठक की। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान एलजी ने लीकेज सहित अन्य कारणों से हो रही पानी की बर्बादी पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जल बोर्ड के सीईओ से दूसरे राज्यों से जल की आवश्यक आपूर्ति और अनुमानित जरूरत की भी जानकारी ली। पानी की कमी के बीच एलजी ने जल बोर्ड से स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है।

इस दौरान जल बोर्ड सीईओ ने एलजी के सामने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाने, जलाशयों को पुनर्जीवित करने, भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने, शेधित जल के इस्तेमाल और वर्षा जल संचयन संबंधी कई परियोजनाओं को लेकर एक प्रेजेंटेशन भी दिया। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

बैठक में एलजी अनिल बैजल ने जल बोर्ड को सुझाव दिया कि पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए और इसे दुरुस्त करने के अलावा टैंकरों से होने बाली पानी की बर्बादी का भी समाधान किया जाए। इसके अलावा उन्होंने चंद्रावल, पल्ला, द्वारका और वजीराबाद में जलबोर्ड की परियोजनाओं पर सख्त निगरानी और उनको समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। पानी को लेकर होने वाली मारामारी को देखते हुए एलजी ने जल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है, साथ ही वे दिल्ली में पानी की आपूर्ति को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी बात करने के संकेत दे चुके हैं।

Edited By: Jp Yadav