नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम द्वारा बनाया गया वेस्ट टू वंडर चार महीने बाद बुधवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पहले दिन बारिश के कारण बहुत कम पर्यटक घूमने के लिए पहुंचे, जिन्हें प्रवेश द्वार से थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश मिला। इसके अलावा बिना मास्क के प्रवेश ले रहे लोगों को रोका गया, जिसके बाद उन्होंने मास्क लगाया और अंदर गए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान 16 अप्रैल को वेस्ट टू वंडर को बंद कर दिया गया था, जिसके बाद से पर्यटक लगातार इसके खुलने का इंतजार कर रहे थे।

पहले दिन फरीदाबाद से आई प्रतिष्ठा ने बताया कि वह अपने भाइयों के साथ घूमने के लिए आई हैं। दिल्ली में एक ही स्थान पर सात अजूबे देखने का सबसे बढ़िया साधन है। उन्होंने कहा कि वह कई बार नगर निगम के नंबरों पर काल कर इसकी जानकारी लेती रही थीं। वहीं, प्रयागराज से विनित का कहना है कि वह दिल्ली घूमने के लिए आए थे। उनके दोस्त ने उन्हें सात अजूबों वाले इस स्थान के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद वह इसे दोस्त के साथ देखने के लिए पहुंचे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाकडाउन से पहले एक दिन में एक से दो हजार पर्यटक रोजाना आते थे, लेकिन अब कोरोना के कारण संख्या बहुत कम हो गई है।

दूसरी लहर के बाद खुले पार्क में केवल 240 लोग इसे देखने के लिए पहुंचे हैं, जो संख्या बहुत कम है। कोरोना के कारण अब पार्क सुबह 10 बजे से लेकर आठ बजे तक खोला जा रहा है, जिसमें दो घंटे की कटौती की गई है। ये पहले रात 10 बजे तक खोला जाता था। एसओ रविकांत तोमर ने बताया कि वेस्ट टू वंडर में आने वाले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। बिना मास्क वाले व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari