नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट परिसर में दो नवंबर को वकील और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस की स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) की जांच तीन सीसीटीवी फुटेज के इर्द गिर्द घूम रही है। इनमें लॉकअप के अंदर वकीलों और पुलिस के बीच मारपीट व बाहर आगजनी की घटना के अलावा कोर्ट परिसर में महिला डीसीपी से बदसलूकी के वीडियो प्रमुख हैं।

एसआइटी इनमें घटनाक्रम के साथ ही फुटेज में मौजूद लोगों के बर्ताव का विश्लेषण कर रही है। एसआइटी अब तक 42 लोगों के बयान भी दर्ज कर चुकी है। जिन लोगों के बयान दर्ज किए गए उनमें घायलों के अलावा घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी और वकील प्रमुख हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पुलिस ने तीस हजारी मामले में तीनों वीडियो को कब्जे में लिया है। उसके आधार पर आगे की तफ्तीश जारी है। उनका मानना है कि वायरल हुए तीनों वीडियो जांच के अहम सबूत साबित होंगे। इन तीनों वीडियों में सामने आए वकीलों से घिरीं आइपीएस और लॉकअप के पास आगजनी के वीडियो अहम माने जा रहे हैं।

दरअसल, सामने आए एक वीडियो से उत्तरी जिले की डीसीपी वकीलों से हाथ जोड़कर शांति की अपील करती दिख रही हैं। इस दौरान उनके साथ बदसलूकी किए जाने के बाद बदहवास रूप में उनके कोर्ट परिसर से बाहर निकलने का दृश्य भी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल तीनों वीडियो की वास्तविकता का पता लगाने के लिए उनकी फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है या नहीं। पुलिस की जांच इन तीनों वीडियो पर ही टिकी हुई है। पुलिस फिलहाल तीनों वीडियो से जुड़े घटनाक्रम व अन्य सुबूतों के आधार पर कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। ताकि, वास्तविक दोषियों पर कानून का शिकंजा कसा जा सके।

वायरल वीडियो में हाथ जोड़ते दिखीं डीसीपी

तीस हजारी कोर्ट परिसर में हुई झड़प के मामले में एक और वीडियो सामने आया है। इसमें डीसीपी मोनिका भारद्वाज वकीलों के हाथ जोड़ते हुए दिख रही हैं। यह वीडियो तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो की सत्यता को लेकर दैनिक जागरण कोई दावा नहीं करता है।

शुक्रवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि उत्तरी जिला की डीसीपी मोनिका भारद्वाज जब कोर्ट परिसर में पहुंची तो वकीलों का एक समूह उनकी तरफ बढ़ने लगा। वकीलों को अपनी ओर आता डीसीपी हाथ जोड़ रही हैं। वीडियो के आखिर में वह परिसर से बाहर जाती हुई दिख रही हैं। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी और वकील उनकी मदद करते दिख रहे हैं।

इसी वीडियो के आधार पर आरोप लग रहे हैं कि महिला अधिकारी और उनके कर्मियों के साथ बदसुलूकी की गई है। हालांकि वायरल वीडियो में बदसुलूकी या हाथापाई जैसी कोई तस्वीर नहीं है। इसके अलावा यह भी साफ नहीं हो रहा है कि भीड़ में कौन-कौन से लोग शामिल हैं। यह वीडियो 16 सेकेंड का है।

घटना के समय डीसीपी सबसे पहले लॉकअप के सामने गईं। उसी समय वकीलों की भीड़ उनकी ओर बढ़ी तो उन्होंने हाथ जोड़ कर उनसे शांत रहने की अपील की, लेकिन तभी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद डीसीपी और पुलिसकर्मी पीछे की ओर चले गए। मोनिका भारद्वाज ने इस मामले में कुछ भी कहने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि वह अनियंत्रित भीड़ को संभालने गईं थीं। घटना की न्यायिक जांच के आदेश हो चुके हैं, अब जो भी कहना है, जांच समिति के सामने ही कहूंगी।

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Posted By: JP Yadav

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