यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुलेटप्रूफ कार में करते थे हथियार सप्लाई, दिल्ली पुलिस ने छेनू गिरोह के चार बदमाशों को किया गिरफ्तार
मुख्य हथियार तस्कर गैंगवार से बचने के लिए बुलेटप्रूफ फारच्यूनर कार से ही चलता था।बदमाशों की पहचान मुमताज समीर शाहरुख ...और पढ़ें

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। उत्तर पूर्वी जिला पुलिस ने छेनू गिरोह के चार ऐसे बदमाशाें को गिरफ्तार किया है जो बुलेटप्रूफ कार से हथियार सप्लाई करते हैं। मुख्य हथियार तस्कर गैंगवार से बचने के लिए बुलेटप्रूफ फारच्यूनर कार से ही चलता था। बदमाशों की पहचान मुमताज, समीर, शाहरुख और इरशाद के रूप में हुई है। मुमताज अपने साथियों के साथ मिलकर छेनू गिरोह के बदमाशों को हथियार सप्लाई करता था व नए बदमाशों को गिरोह को शामिल करवाता था। पुलिस ने इनके पास से बुलेटप्रूफ कार, तीन पिस्टल, 18 कारतूस व 6.50 लाख रुपये नकदी बरामद की है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि डीसीपी संजय कुमार सेन ने जिले में अंकुश नाम से अभियान चलाया हुआ है। सोमवार को पुलिस को हथियार सप्लाई करने वाले बदमाशों का पता चला। सूचना मिलते ही पुलिस ने इंस्पेक्टर अजय यादव, एसआइ मनोज, देवेंद्र, हेड कांस्टेबल राजदीप व अन्य की टीम बनाई। टीम ने सोमवार रात को सीलमपुर फ्लाईओवर के पास अपना जाल बिछाया, रात 1:30 बजे पुलिस को सफेद रंग की फारच्यूनर कार आते दिखी। पुलिस को देखते ही आरोपित कार की रफ्तार तेज करके भागने लगे, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें किसी तरह से रोका और दबोच लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से पिस्टल व नकदी बरामद हुई। बदमाश उत्तर प्रदेश और बिहार से हथियार लाते थे।
गैंगवार से बचने के लिए कार को करवाया था बुलेटप्रूफ
पुलिस को पूछताछ में मुमताज ने बताया कि वर्ष 2002 में वह अपराध की दुनिया में आया था। शुरुआत से ही वह छेनू गिरोह के लिए काम कर रहा है। गैंगवार में कहीं कोई बदमाश उसे मार न दें, इसलिए उसने अपनी फारच्यूनर कोर को बुलेटप्रूफ करवाया था। उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के हसनपुर में तीन हत्याएं की थी। वहां की पुलिस ने उसपर ईनाम भी घोषित किया हुआ था। 2012 में उसे दो साल के लिए तड़ी पार किया गया था, 2015 में मुमताज पर मकोका का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। 2017 में वह जमानत पर बाहर आ गया था। उसपर पहले से हत्या, लूट, रंगदारी, हथियार तस्करी के 23 केस दर्ज हैं। इसके साथी शाहरुख ने कुछ वर्ष पहले आरिफ व वाजिदा की हत्या की हुई थी।
