नई दिल्ली/गाजियाबाद/हापुड़, जागरण न्यूज नेटवर्क। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-एनसीआर के चारों बॉर्डर (सिंघु, टीकरी, शाहजहांपर और गाजीपुर बॉर्डर) पर यूपी के साथ पंजाब और हरियाणा के किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। इसी के साथ ही दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान संसद का आयोजन भी किया जा रहा है, यह आयोजन उसी दिन होता है, जिस दिन संसद का मानसून सत्र चलता है।

वहीं, दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में कृषि कानूनों के विरोध में होने वाले आगामी कार्यक्रम की तैयारियों में किसान लगे हुए हैं। अब 15 अगस्त को गाजीपुर बॉर्डर पर किसान झंडा फहराने की रणनीति बनाने में जुटे हैं। इसको लेकर रविवार को गांव रसूलपुर में किसानों की बैठक आयोजित हुई।

भारतीय किसान यूनियन के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि संगठन हाई कमान के आदेश पर 13 अगस्त को अमरोहा व मुरादाबाद से आने वाले किसानों के रुकने की व्यवस्था हापुड़ में होगी। स्थान निर्धारित करने पर विचार चल रहा है।

उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं, जिनके विरोध में किसान पिछले कई महीने से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार मांगों को मानने के बजाय हठधर्मिता दिखा रही है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को किसान गाजीपुर बार्डर पर झंडा फहराएंगे, जिसमें हापुड़ समेत आसपास के जिलों से किसान भी गाजीपुर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में तैयारी पूरी कर ली गई है।

इस अहम बैठक में कुशलपाल आर्य, समरपाल सिंह, तेजपाल सिंह, पिंटू सिंह, सूरजमल सिंह, बलराज सिंह, जतिन चौधरी, इंद्रराज सिंह, साधु सिंह, मुन्नु सिंह, सुदेश दीवान, विरेंद्र, डीपी सिंह और पंकज आदि मौजूद थे।

Edited By: Jp Yadav