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नई दिल्ली/प्रयागराज, जेएनएन। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। दरअसल, अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास व तीन अन्य को विशेष कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने साफतौर पर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अद्यतन स्थिति 16 अप्रैल तक स्पष्ट करें वरना गिरफ्तारी वारंट, फरारी वारंट तथा संपत्ति कुर्क करने की कार्यवाही की जाएगी।

इसलिए कोर्ट ने जताई नाराजगी

जानकारी के मुताबिक, विशेष कोर्ट सख्त लहजे में कहा कि अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरी कृष्ण, राकेश तिवारी तथा अजय सिंह के कोर्ट में उपस्थित नहीं होने से कानूनी प्रक्रिया ठप पड़ी है। ऐसे में न तो आरोप तय हो पा रहा है और न ही अन्य कार्यवाही हो पा रही है। कोर्ट ने नाराज होकर कहा कि इसके चलते सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन भी नहीं हो पा रहा है।

यह है कोर्ट का सख्त रुख

कोर्ट ने कहा कि 27 अक्तूबर, 2016 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आरोपित को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान किया गया है, लेकिन 28 मार्च 2018 को पारित निर्णय के अनुसार स्थगन आदेश छह माह तक प्रभावी है, इसके बाद खुद खत्म हो जाएगी। यदि बढ़ाए जाने का स्पष्ट आदेश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अद्यतन स्थिति बताने के लिए पूर्व में कई बार नोटिस जारी की जा चुकी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अमेठी में मुसाफिर खाना में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी जगप्रसाद मौर्या ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 20 अप्रैल 2014 को गौरीगंज में रोड शो करके रास्ता जाम कर दिया था। इतना ही नहीं, कार्यक्रम की अनुमति के निर्देशों का पालन नहीं किया। ढोल-ताशा बजाकर नारेबाजी की थी।

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Posted By: JP Yadav

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