नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मतांतरण कराने के आरोप में यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार मोहम्मद उमर गौतम मूलरूप से यूपी के फतेहपुर का रहने वाला है। उसका जन्म हिंदू परिवार में हुआ था। उसने जामिया मिलिया इस्लामिया से इस्लामिक स्टडीज में एमए किया था और वर्ष 1984 में इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया। बाद में वह यहीं इस्लामिक स्टडीज विभाग में लेक्चरर हो गया। उसकी पत्नी रजिया बेगम, बेटी फातिमा तकदीस और दो बेटे मोहम्मद आदिल व मो. अब्दुल्लाह बाटला हाउस स्थित घर की चौथी मंजिल में रहते हैं।

सोमवार को उमर गौतम के घर पहुंची जागरण टीम ने परिवार से बात करने की कोशिश की लेकिन परिवार ने दरवाजा तक नहीं खोला। उमर 1994 में जामिया से नौकरी छोड़कर मुस्लिम उलेमाओं की संस्था मरकाजुल मारीफ का डायरेटर बन गया। 2010 में उसने यह संस्था भी छोड़ दी और इस्लामिक दवाह सेंटर खोलकर इसके जरिये शिक्षा की आड़ में मतांतरण का खेल शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि गैर मुस्लिमों का मतांतरण वह काफी समय से करवा रहा था लेकिन आइडीसी बनाने के बाद यह काम और तेज हो गया। वहीं, गिरफ्तार दूसरा आराेपित मौलाना जहांगीर आलम कासमी भी आइडीसी से जुड़ा है। वह परिवार के साथ जोगाबाई एक्सटेंशन में पत्नी, चार बेटों व एक बेटी के साथ रहता था और शाहीन बाग स्थित एक मदरसे में पढ़ाता था। उसके घर पर सोमवार को कोई नहीं मिला।

Edited By: Mangal Yadav