नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। पीएचडी और एमफिल के शोधार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने थीसिस जमा कराने की तारीख छह महीने बढ़ा दी है। अब जिन शोधार्थियों को 30 दिसंबर तक थीसिस जमा करनी थी, उन्हें अगले साल 30 जून तक का समय दिया गया है। यूजीसी के इस फैसले का शोधार्थियों ने स्वागत किया है।

एबीवीपी की जेएनयू इकाई के अध्यक्ष शिवम चौरसिया ने बताया कि यह छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। एबीवीपी लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। कोरोना संक्रमण के चलते शैक्षणिक संस्थान बंद थे, शोधार्थी फील्ड वर्ग, पुस्तकालय का उपयोग नहीं कर पाए थे। ऐसे में थीसिस जमा करना मुश्किल था।

शोधार्थियों ने की पीएचडी की आनलाइन परीक्षा कराने की मांग

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के तहत पीएचडी कर रहे शोधार्थियों ने पीएचडी की परीक्षा आनलाइन परीक्षा कराने की मांग की। शोधार्थियों ने इस संबंध में रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष को पत्र लिखा। पत्र में शोधार्थियों ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते ज्यादातर शोधार्थी कैंपस से बाहर हैं। इस समय वे अलग-अलग राज्य में हैं। साथ ही ज्यादातर शोधार्थी कोरोना के नए स्वरूप के कारण आफलाइन परीक्षा देने में सहज महसूस नहीं कर रहे हैं।

ऐसे में या तो परीक्षा आनलाइन आयोजित की जाए या एक सप्ताह के लिए स्थगित की जाए। पत्र में 44 शोधार्थियों ने हस्ताक्षर किए हैं। उल्लेखनीय है कि रसायन विज्ञान विभाग पीएचडी की परीक्षा आफलाइन कराना चाहता है।

दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

जेएनयू में स्नातक, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में पांच दिसंबर तक छात्रों को औपचारिकता पूरी कर दाखिला लेना है। एबीवीपी ने दाखिला समिति के डीन को पत्र लिखकर कहा है कि पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। लिहाजा, अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।

 

Edited By: Mangal Yadav