नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो अंतरराज्यीय हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों इंटरनेट मीडिया के जरिए खालिस्तान समर्थकों से संपर्क कर उन्हें हथियार व कारतूस मुहैया कराते थे। खालिस्तान समर्थकों के अलावा ये दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा व झारखंड समेत एनसीआर के कुख्यात लारेंस बिश्नोई, अमन साहू आदि गैंस्टरों व खालिस्तानी आतंकियों को भी हथियार व कारतूस मुहैया कराते थे। स्पेशल सेल की टीम तीन महीने से इंटरनेट मीडिया पर नजर रख रही थी। उसके बाद उन्हें सफलता मिली।

डीसीपी स्पेशल सेल संजीव कुमार यादव के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तस्करों के नाम राजेंद्र सिंह बरनाला व बबलू सिंह है। दोनों बडवानी, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इनके पास से 18 सेमी आटोमेटिक पिस्टल, 60 कारतूस व तस्करी में इस्तेमाल फोन बरामद किए गए हैं।

राजेन्द्र ने बताया कि मध्य प्रदेश के बड़वानी, बुरहानपुर, धार और खरगोन में हथियारों का निर्माण पुश्तैनी पेशा है. इसके गांव के कई लोग पीतल को भट्टियों में पिघलाकर और आकार देने के लिए सांचों का उपयोग करके अवैध हथियारों के निर्माण में लगे हुए हैं। वह अपने भाई नरेंद्र सिंह के साथ कई सालों से पंजाब, हरियाणा, यूपी और दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियार मुहैया कर रहा था। दोनों भाई खालिस्तान आंदोलनों और देशभर के विभिन्न गैंगस्टरों के इंटरनेट मीडिया पेजों में शामिल हो गए थे।

राजेंद्र ने बताया कि वह पंजाब में खालिस्तान समर्थकों को अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था। पुलिस को चकमा देने के लिए वह कुछ समय से फेसबुक व वाटस एप जैसे इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था। विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उसने अवैध हथियारों की तस्वीरें व दरें भी पोस्ट की थी साथ ही कुछ मोबाइल नंबर भी पोस्ट किए थे ताकि खरीदार उससे संपर्क कर सकें।

राजेंद्र सिंह और उसके भाई को बढि़या अवैध हथियार बनाने में महारत हासिल है। इनके द्वारा मुहैया की गई पिस्टल की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि उक्त पिस्टलों के बीच सरकारी आयुध डिपो के कारखाने में निर्मित पिस्टल के बीच अंतर करना मुश्किल है। उसे एक पिस्टल के निर्माण में सात हजार रुपये लागत आता है जिसे वह 25 से 50 हजार रुपये में बेचता है। 25 अगस्त को सेल की टीम ने रोहिणी से दोनों को गिरफ्तार किया।

Edited By: Mangal Yadav