नई दिल्ली (जेएनएन)। पेट्रोल-डीजल कीमतों में इजाफा और गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) को जल्दबाजी में लागू करने के विरोध में देश भर के ट्रक ऑपरेटरों का दो दिन का चक्का जाम रविवार आधी रात से शुरू हो गया है।

वहीं, हड़ताल के चलते दिवाली की तैयारियों में जुटे दिल्ली के कारोबारियों में इस कारण चिंता का माहौल है। एक आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में रोजाना एक लाख ट्रकों की आवाजाही होती है। हड़ताल का आह्वान ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) ने किया है। 

वहीं, ट्रक परिचालकों ने यह धमकी भी दी है कि अगर दो दिन की इस हड़ताल के बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो दिवाली के आस-पास अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है।

इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान ट्रक ऑपरेटरों के संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी या AIMTC) ने किया है।

ट्रक ऑपरेटरों की मांग है कि जीएसटी में उन्हें राहत दी जाए और पुराने ट्रक बेचने पर लगने वाले 28 फीसदी टैक्स के प्रावधान को खत्म किया जाए।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल में अन्य राज्यों के ट्रांसपोर्टरों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। एआइएमटीसी के उपाध्यक्ष हरीश सभरवाल ने कहा कि जीएसटी में ट्रांसपोर्टरों के पंजीकरण को लेकर असमंजस की स्थिति है।

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि ट्रकों के साथ ही टेंपो भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। हड़ताल के मद्देनजर मदर डेयरी ने वैकल्पिक इंतजाम किए हैं।

वहीं, आजादपुर मंडी में फल व सब्जी विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि वैसे ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी।

 

Posted By: JP Yadav

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