नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। देशभर में कोरोना के अचानक बढ़ते मामलों से पर्यटन उद्योग धड़ाम हो गया है। दिल्ली में नाइट कर्फ्यू और दूसरे कुछ राज्यों में आंशिक लाकडाउन ने इस उद्योग की राह कठिन कर दी है। उसमें भी दूसरे राज्यों में जाने के लिए कोरोना टेस्ट की अनिवार्यता के कारण लोग अब दूसरे राज्यों की यात्रा से बच रहे हैं। हालत यह कि बहुत जरूरी होने पर लोग दूसरे शहरों या राज्यों की यात्रा कर रहे हैं। विदेशी यात्री तो नाम मात्र के हैं। इस कारण पंचतारा होटल से लेकर बजट होटल तक का किराया 50 से 70 फीसद कम करने के बाद भी 50 से 60 फीसद कमरे खाली चल रहे हैं।

60 फीसद तक घटाए कमरों के किराया

दिल्ली-एनसीआर का पर्यटन उद्योग गहरी मुसीबत में है। पहले की बुकिंग जहां निरस्त हो रही है। वहीं, नई बुकिंग के मामले बेहद कम है। स्थिति यह कि दिल्ली-एनसीआर के पंचतारा व चारतारा होटलों में कमरे का किराया दो हजार रुपये से लेकर 6,500 रुपये तक पर आ गया है, जिनका सामान्य दिनों में किराया एक दिन का आठ हजार से 12 हजार रुपये तक होता था। उसमें भी पैकेज की पेशकश है। फिर भी स्थिति पटरी से उतरती जा रही है।

दूसरी लहर ने पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ा धक्का पहुंचा

इंडियन एसोसिएशन आफ टूर आपरेटर्स (आइएटीओ)के अध्यक्ष प्रणब सरकार कहते हैं कि देशभर में कोरोना की दूसरी लहर ने पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ा धक्का पहुंचाया है। इसमें बड़ी वजह राज्यों में प्रवेश पर कोरोना जांच रिपोर्ट की अनिवार्यता है। हालत यह कि उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर कमोबेश सभी राज्यों ने इसे अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में लोग यात्रा से बच रहे हैं। स्थिति यह कि कमरे खाली है। उनकी दरें भी काफी कम कर दी गई है। पर वह खाली है।

नई बुकिंग नहीं पुरानी बुकिंग हो रही कैंसिल 

आइएटीओ के पूर्व सचिव व साउथ एंड ट्रैवेल्स प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्ट अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि नई बुकिंग नहीं है। पुरानी बुकिंग निरस्त हो रही है। स्थिति यह कि दिल्ली-एनसीआर में स्थित होटलों की दरें काफी गिर गई है, क्योंकि लोग बढ़ते काेरोना के मामलों को देखते हुए आना नहीं चाह रहे हैं। लगभग 60 फीसद कमरें खाली चल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के पर्यटन उद्योग की स्थिति खराब होने का भी अंदेशा है।

कारोबार न के बराबर

राइजिंग स्टार टूर एंड ट्रैवेल्स के निदेशक अमित जैन इन दिनों आगरा, गुरुग्राम व दिल्ली के पंचतारा होटलों में पैकेज के साथ कमरे की पेशकश कर रहे हैं, जिनमें एक दिन का किराया 3200 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक में है। वह कहते है कि आम दिनों में यह किराया करोलबाग व पहाड़गंज जैसे स्थानों पर स्थित बजट होटलों का है, लेकिन यह कोरोना का ही असर है कि पंचतारा होटलों के किराए इतना कम हैं। पहाड़गंज में एक होटल संचालक विजय तिवारी कहते हैं कि मात्र होटल ही नहीं, इसके साथ ही पर्यटन वाहन और पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य कारोबार भी काफी प्रभावित है। कारोबार न के बराबर है। पर खर्चे बरकरार है। ऊपर से ऋण का ब्याज उसी तरह से है। कई गाड़ियां ब्याज न चुका पाने के कारण बैंकों द्वारा जब्त कर ली गई है।

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