नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में गत 15 दिसंबर को हुई हिंसा में एक के बाद एक कई वीडियो वायरल होने से लोगों को सच्चाई का पता लगने लगा है। पिछले पांच दिनों में 28 वीडियो वायरल हो चुके हैं। ये सभी जामिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज है। हालांकि घटना के दौरान मोबाइल से बनाए गए इसी तरह के दर्जनों वीडियो पहले सामने आ चुके हैं।

जामिया द्वारा वीडियो वायरल करने पर अब पुलिस ने भी पुराने वीडियो वायरल करना शुरू कर दिया है। दोनों में साइबर होड़ मची हुई है। दो महीना बाद गत 16 फरवरी को पहले जामिया समन्वय समिति ने ट्विटर पर जामिया लाइब्रेरी का एक वीडियो डाल वायरल किया, जिसमें पुलिसकर्मी व पैरामिलिट्री के जवान लाइब्रेरी में घुसकर वहां मौजूद युवकों की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं।

समिति का आरोप है कि पुलिस व पैरामिलिट्री के जवान जिन युवकों की पिटाई कर रहे हैं वे सभी जामिया के छात्र हैं। दो महीना बाद उक्त वीडियो वायरल करने के पीछे समिति का मकसद यह है कि पुलिस को घेरा जा सके। क्योंकि पुलिस पहले ही खंडन कर चुकी है कि 15 दिसंबर की शाम जामिया की लाइब्रेरी में उन्होंने छात्र-छात्रओं की नहीं बल्कि उपद्रवियों की पिटाई की थी। वे लाइब्रेरी व जामिया परिसर में इसलिए घुसे थे क्योंकि अंदर से पथराव हो रहा था।

16 फरवरी को पहला वीडियो वायरल करने के कुछ देर बाद ही दो-तीन और वीडियो वायरल किए गए। उक्त वीडियो में भी पुलिस व पैरामिलिट्री के जवान लाइब्रेरी के बाहर व अंदर युवकों की पिटाई करते दिख रहे हैं। सभी वीडियो कुछ-कुछ सेंकेंड के हैं। वीडियो वायरल कर यह दर्शाने की कोशिश की गई कि पुलिस ने बर्बरता की थी।

जामिया द्वारा कुछ वीडियो वायरल करने पर पुलिस ने भी काउंटर में वीडियो वायरल करना शुरू कर दिया। सभी वीडियो की जांच की जा रही है। जांच की दिशा अब तक जो भी रही हो, जितने वीडियो सामने आए हैं वे सभी कोर्ट को सुबूत के तौर पर सौंपे जाएंगे। जामिया ने दो महीने बाद कुछ वीडियो को वायरल कर मामले को नया रूप देने की कोशिश की। किंतु पुलिस ने भी वीडियो वायरल कर सच्चाई से पर्दा उठा दिया।

पांच छात्रों से 3 घंटे तक पूछताछ

जामिया मिल्लिया इस्लामिया लाइब्रेरी के वीडियो लीक होने के मामले में क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को भी जामिया के पांच छात्रों से तीन घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया। बुधवार को जामिया के 10 छात्रों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया था, जिनमें से पांच छात्रों से बृहस्पतिवार को भी पूछताछ हुई। अब तक 10 छात्रों से पूछताछ हो चुकी है।

15 दिसंबर को हिंसक उपद्रव के दौरान कई छात्रों को चोटें आई थी। लीक वीडियो में उन छात्रों की भी पहचान की गई जिन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा छोड़े गए आंसू गैस के गोले उठाकर पुलिसकर्मियों पर ही फेंक दिए थे।

जैसे-जैसे छात्रों की पहचान होगी उक्त छात्रों को नोटिस भेज क्राइम ब्रांच पूछताछ करेगी। क्राइम ब्रांच एक नया केस दर्ज कर कुछ छात्रों व अन्य को आरोपित बना उन्हें गिरफ्तार भी कर सकती है। छात्रों से पूछा जा रहा है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका क्या थी। क्या वे उपद्रव में शामिल थे अथवा नहीं। शामिल थे तो क्या उन्हें किसी ने उकसाया था? उन्हें चोट कैसे लगी? नए वीडियो जो सामने आ रहे हैं उनमें बड़ी संख्या में छात्र नकाब पहनकर पुलिसकर्मियों पर पथराव कर रहे हैं।

इधर जामिया हिंसा मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की एसआइटी एक बार फिर शुक्रवार को जामिया कैंपस में पहुंची। टीम ने कैंपस का मुआयना किया और कुछ लोगों से बातचीत भी की। इसके अलावा क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को भी पांच और छात्रों से पूछताछ की। पुलिस ने उनसे हिंसक घटना से संबंधित सवाल जवाब किए। इसके अलावा पुलिस ने 10 और छात्रों को नोटिस देकर सोमवार को जांच में शामिल होने के लिए कहा है। अधिकारी के मुताबिक वहीं एक टीम शुक्रवार को जामिया प्रशासन के अधिकारियों से मिली। क्राइम ब्रांच ने मोहमद मिन्हा जुद्दिन नाम से छात्र से भी पूछताछ की जिसकी 15 दिसंबर को उपद्रव के दौरान चोट लगने से एक आंख की रोशनी चली गई थी।

जामिया ने लगाया था छात्रों को पीटने का आरोप

घटना के बाद जामिया ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने बिना इजाजत लाइब्रेरी में घुसकर छात्र-छात्रओं की पिटाई की व लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की। इसलिए पुलिस उसकी उच्च स्तरीय जांच कर रही है। तभी पुलिस ने घटना के दो तीन बाद ही जामिया पहुंचकर सभी सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिए थे ताकि सभी पहलुओं पर जांच की जा सके। पहले तो जामिया ने फुटेज देने से इन्कार कर दिया था। बाद में फुटेज करीब 250 घंटे का फुटेज सौंप दिया था। जामिया में अंदर व बाहर जगह-जगह कैमरे लगे हैं। सभी में अलग-अलग तरह की तस्वीरें कैद हो गई थी।

पुलिस ने वायरल किए पथराव वाले वीडियो

जामिया ने जब मारपीट वाले फुटेज को वायरल किया तब पुलिस ने भी छात्रों द्वारा पथराव करने के वीडियो वायरल करने शुरू कर दिए। कई फुटेज में साफ देखा जा रहा है कि छात्र पुलिसकर्मियों पर जमकर ईंट व पत्थर बरसा रहे हैं। पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों व पैरामिलिट्री ने जब उपद्रवियों को खदेड़ा तब वे जामिया के अंदर घुस गए थे। अंदर से भी छात्रों व स्थानीय लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया था तभी उन्होंने लाइब्रेरी के अंदर घुसकर वहां मौजूद उन युवकों की पिटाई की थी, जो पथराव कर रहे थे।

 

Posted By: JP Yadav

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