नई दिल्ली, एएनआइ। टूलकिट मामले में गिरफ्तार दिशा रवि की रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। जहां पर कोर्ट ने दिशा को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बेंगलुरु से 14 फरवरी को गिरफ्तार दिशा रवि को साइबर सेल ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया था। शुक्रवार को रिमांड की अवधि खत्म होने पर साइबर सेल दोबारा उसे रिमांड पर लेने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया। 

पुलिस का कहना है कि फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया व उसके सदस्यों द्वारा देशविरोधी हरकतें करने में टूलकिट का इस्तेमाल कोई नया मामला नहीं है। दिशा, निकिता व शांतनु तीनों फ्राइडे फॉर फ्यूचर इंडिया से कई सालों से जुड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस अब इस अभियान से जुड़े लोगों की आय के स्नोतों का भी पता लगा रही है।

बता दें कि टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, देश को अस्थिर करने व छवि खराब करने को लेकर रची जा रही साजिश की नई-नई परतें खुल रही हैं। पुलिस को नई जानकारी मिली है कि कनाडा में रहने वाले खालिस्तानी समर्थकों के संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीजेएफ) के संस्थापक मो धालीवाल ने भारत में अशांति फैलाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) से हाथ मिलाया था।

सूत्रों के मुताबिक, भारत विरोधी ये दोनों संगठन 2020 की शुरुआत में ही अपने अभियान में जुट गए थे। अपनी साजिश में अधिवक्ता व कथित जलवायु कार्यकर्ता निकिता जैकब को इसलिए जोड़ा, ताकि पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को उन पर शक न हो। निकिता अ¨हसक नागरिक असहयोग के जरिये पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारों पर दबाव बनाने वाले वैश्विक आंदोलन एक्सटिंक्शन रेबेलियन (एक्सआर) की सदस्य है। उसके संपर्क में देश-विदेश के कई जलवायु कार्यकर्ता हैं।

Edited By: Mangal Yadav

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