धीरेंद्र पाठक। CAT Exam Preparation TIPS आइआइएम जैसे प्रीमियर इंस्‍टीट्यूट से एमबीए करना एक अलग ही मायने रखता है। ऐसे मैनेजमेंट संस्‍थानों से पासआउट युवाओं को देश-दुनिया की तमाम बड़ी-बड़ी कंपनियों में बड़ी आसानी से नौकरी मिल जाती है और पैकेज भी काफी अच्‍छा-खासा मिलता है। देश में अभी ऐसे कुल 20 इंस्‍टीट्यूट्स हैं, जहां से प्रबंधन और अनुसंधान की पढ़ाई करने के इच्‍छुक युवाओं में काफी होड़ देखी जाती है। इसके लिए लाखों की तादाद में ग्रेजुएट युवक-युवतियां इसकी प्रवेश परीक्षा 'कैट' में सम्मिलित होते हैं।

लेकिन इस परीक्षा में अच्‍छे अंकों से पास होकर आइआइएम में पढ़ाई करने का सपना कुछ गिनती के ही स्‍टूडेंट पूरा कर पाते हैं। इसीलिए कैट को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है, जिसे पास करने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं, बहुत अच्‍छी प्‍लानिंग के साथ स्‍मार्ट तैयारी करने की भी आवश्‍यकता होती है। फिलहाल, इन संस्‍थानों में दाखिले के लिए हर साल कामन एडमिशन टेस्‍ट (कैट) आयोजित किया जाता है।

पेपर पैटर्न के अनुसार प्‍लानिंग: कैट की मेरिट के आधार पर ही आइआइएम के विभिन्‍न मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों में स्‍टूडेंट्स को दाखिले दिये जाते हैं। यह परीक्षा आनलाइन माध्‍यम से होती है। परीक्षा में कुल तीन सेक्‍शन (वर्बल एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग व क्वांटिटेटिव एबिलिटी) से प्रश्‍न पूछे जाते हैं। इन तीनों सेक्‍शंस को हल करने के लिए कुल 120 मिनट का समय मिलता है यानी हर सेक्‍शन के लिए 40 मिनट का समय मिलेगा। इस एग्‍जाम की एक खास बात यह है कि यहां एक सेक्‍शन को हल करने के बाद ही आप दूसरे सेक्‍शन पर जा पाएंगे यानी आपको पास होने के लिए तीनों ही सेक्‍शन में अच्‍छा परफार्म करना पड़ेगा। यह परीक्षा अपने पेपर पैटर्न से हर साल छात्रों को काफी हैरान भी करती है। इसलिए एग्‍जाम के प्रश्‍नों के सही पैटर्न को समझकर प्‍लानिंग के साथ तैयारी करने में ही समझदारी है। इस परीक्षा के सिलेबस की विस्‍तृत जानकारी के लिए वेबसाइट (https://iimcat.ac.in)और इसके ट्यूटोरियल्‍स देखें।

विषयवार ऐसे करें प्रैक्टिस:

1. क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के लिए मोटे तौर पर 20 अध्याय हैं। अगर बेहतर पर्सेंटाइल चाहते हैं, तो इन सभी अध्‍यायों को परीक्षा से पहले एक बार अवश्‍य कवर कर लें। सभी अध्यायों पर पकड़ बनाने के साथ आप आसान और मध्यम कठिनाई स्‍तर वाले प्रश्‍नों पर अधिक फोकस करें। 20 अध्यायों से कम से कम 1200 प्रश्‍नों को हल करने से आपकी अच्‍छी प्रैक्टिस हो जाएगी।

2. क्रिटिकल रीजनिंग के साथ कॉम्प्रिहेंशन और पैरा जंबलिंग से कैट में 80-90 प्रतिशत प्रश्‍न आते हैं। इसलिए एग्‍जाम तक तकरीबन 250-300 रीजनिंग के प्रश्‍नों का अभ्‍यास करें और साथ ही अपनी समझ में सुधार के लिए रोजाना समाचार पत्र भी पढ़ें। पैरा-जंबलिंग और क्रिटिकल रीजनिंग में अंग्रेजी और लॉजिक का मिश्रण होता है। इसलिए, अधिक से अधिक अभ्यास से ही इस खंड में एकुरेसी लाई जा सकती है। कैट में पिछले कुछ वर्षों में शब्दावली और व्याकरण को ज्यादा वेटेज नहीं मिला है, लेकिन वे कॉम्प्रिहेंशन और पैरा-जंबलिंग कॉन्सेप्ट बनाने में मदद करते हैं।

3. डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन में नंबर क्रंचिंग के साथ-साथ विशुद्ध रूप से तार्किक पहेली वाले प्रश्‍न आते हैं। चूंकि कैट में सभी प्रश्‍न पैराग्राफ आधारित होते हैं। इसलिए आपको 300-400 पहेलियों का अभ्यास करना चाहिए। बीते वर्षों के कैट के पेपर भी इस सेक्‍शन को समझने में आपकी काफी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, इस परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए स्‍पीड एक महत्वपूर्ण फैक्‍टर है, यह रोजाना माक टेस्‍ट और सैंपल पेपर्स के अभ्‍यास से किया जा सकता है। इस टेस्‍ट में अगर आपके 50 से 60 प्रतिशत शुद्ध स्‍कोर आ रहे हैं, तो समझिए आपकी तैयारी सही दिशा में चल रही है। फिलहाल, गूगल प्‍ले स्‍टोर पर माक टेस्‍ट के अभ्‍यास के लिए आजकल ऐसे बहुत सारे अच्‍छी रेटिंग वाले एप्‍स उपलब्‍ध हैं, जो काफी मददगार हो सकते हैं। परीक्षा में प्रश्‍नों को हल करने के लिए शॉर्ट-ट्रिक्स सीखना भी आपके काफी काम आ सकता है।

आगे की रणनीति: आमतौर पर कैंडिडेट इस परीक्षा की तैयारी 6-7 महीने पहले से ही शुरू कर देते हैं। वैसे, अगले 2-3 महीने की एक प्‍लांड तैयारी के जरिये भी इस परीक्षा को बड़ी आसानी से क्रैक किया जा सकता है। लेकिन ऐसा तभी संभव है अगर आपने पेपर के तीनों विषयों की गहन तैयारी कर रखी है, क्‍योंकि गहन तैयारी से परीक्षा में सही प्रश्‍नों को चुनने में काफी आसानी होगी। फिलहाल एग्‍जाम तक आप तीनों विषयों के लिए प्रतिदिन 6 से 8घंटे का एक शेड्यूल बनाएं और उसी अनुसार निरंतर अपनी तैयारी करें। इसी समय रोजाना 2 घंटे माक टेस्ट के लिए निकालें।

Edited By: Sanjay Pokhriyal