नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गैंग के तीन शातिर लोगों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार तीनों शातिरों के बारे में बताया जा रहा है कि ये उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को मारने की योजना बना रहे थे। पुलिस की मानें तो गिरफ्तार तीनों शातिर दाऊद के गैंग यानी 'डी कंपनी' से संबंध रखते हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम आरिफ, अबरार और सलीम हैं।

पीएम को लिखा खत 

मामल सामने आने के बाद यूपी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। रिजवी का कहना है कि राम मंदिर का समर्थन करने के लिए उन्हें मारने की साजिश रची जी रहा है और वो सुरक्षा की मांग करते हैं। इससे पहल भी रिजवी पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मदरसा बोर्ड भंग करने और केंद्रीय कैबिनेट सेक्रेटरी को मदरसों की जांच की मांग कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने कट्टरपंथियों से अपनी जान को खतरा होने का अंदेशा भी जताया था। 

जानें कौन हैं वसीम रिजवी

अयोध्या में विवादित ढांचे के स्थान पर मंदिर बनाए जाने का समर्थन करने वाले शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी काफी समय से विवादों में हैं। वसीम रिजवी ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड को पत्र भी लिख चुके हैं। पत्र के मुताबिक, इतिहास गवाह है कि मुगल बादशाहों और उनसे पहले हिंदुस्तान आए सुल्तानों ने हिंदुस्तान को लूटा, यहां हुकूमत की और तमाम मंदिरों को तोड़ा, कुछ मंदिरों को तोड़ कर वहां मस्जिदें बनवा दी। रिजवी ने पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा है कि हम सभी अवगत हैं कि किसी भी गसबी (कब्जा) हुई जगह यानी इबादतगाह को जबरन तोड़ कर मस्जिद बनाना जायज नहीं है।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को सलाह दी थी कि ऐसी सभी मस्जिदें हिंदू समाज को वापस कर दी जाएं जिन्हें मंदिर तोड़ कर मुगलों व सुल्तानों ने बनवाया था। इस बाबत शरीयत का हवाला देते हुए एक प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि ऐसी मस्जिदों में इबादत करना जायज नहीं है जो कब्जा कर बनाई गई हों। इसे लेकर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने एक सूची जारी की है।

Posted By: JP Yadav

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