नई दिल्ली (जेएनएन)। बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत की जांच के बीच अब पूर्वी दिल्ली में भी सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूर्वी दिल्ली के मंडावली में तीन मासूम बच्चियों की मौत भूख की वजह से हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि इन बच्चियों के पेट में एक दाना भी नहीं था और उन्हें काफी समय से पौष्टिक खाना नहीं मिला था जिससे वे काफी कमजोर हो गईं थीं। मंगलवार की सुबह तीनों बच्चियां बेसुध मिली थीं, पड़ोसी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

भूख से मौत 

इन बच्चियों मानसी (8 साल), शिखा (4 साल) और पारुल (2 साल) का बुधवार को डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया था। मंगलवार को हुए पहले पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि बच्चियों ने कई दिन से कुछ भी नहीं खाया था, ऐसे में डॉक्टरों ने उनकी मौत भूख से होने की आशंका जाहिर की। 

पिता की तलाश में पुलिस 

मेडिकल बोर्ड ने जहर, चोट या हत्या जैसी आशंका को अभी खारिज किया है। पैनल के पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट दो-तीन दिन में आएगी। विसरा भी जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। बुधवार की शाम तीनों बच्चों के शव मां के हवाले कर दिए गए। पड़ोसियों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। डीसीपी (ईस्ट) पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों का पिता मंगल गायब है और उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी हैं।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार सिंह ने बताया कि बच्चियों का पिता मंगलवार सुबह काम खोजने की बात कहकर निकला था, जो देर रात तक नहीं लौटा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मूलरूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली शिखा, मानसी और पारुल परिवार के साथ मंडावली गांव स्थित इकबाल का गैराज मदरसे वाली गली में रहती थीं। परिवार में पिता मंगल, मां वीना के अलावा अन्य सदस्य हैं। मंगल किराए पर रिक्शा लेकर चलाता था। 

Posted By: JP Yadav

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