नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली के तीनों नगर निगमों के चुनाव की सरगर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग इसकी तैयारियों में जुट गया है। अप्रैल में चुनाव होना है। राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना की स्थिति व सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा को ध्यान में रखकर नगर निगमों के चुनाव की तारीख घोषित की जाएगी। कोरोना के मद्देनजर निगम चुनाव में मतदान केंद्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि मतदान केंद्रों पर अधिक भीड़ न होने पाए व मतदान के दौरान मतदाता शारीरिक दूरी के नियमों का ठीक से पालन कर सकें।दिल्ली विधानसभा चुनाव में 2688 मतदान केंद्रों के 13,750 बूथों पर मतदान हुआ था।

पांच जनवरी को जारी संशोधित मतदाता सूची के अनुसार दिल्ली एक करोड़ 48 लाख 99 हजार 159 मतदाता हैं और मौजूदा समय में 13,820 मतदान बूथ निर्धारित हैं। नगर निगम चुनाव के लिए राज्य चुनाव आयोग ने एक मतदान केंद्र पर अधिकतम एक हजार मतदाता निर्धारित करने का फैसला किया है, इसलिए नगर निगम चुनाव में 18 हजार से 20 हजार मतदान बूथ बनाए जा सकते हैं। प्रत्येक मतदान बूथ के अंदर पांच अधिकारी नियुक्त रहेंगे।

इसके मद्देनजर राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी ड्यूटी के लिए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर करीब एक लाख 30 कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार के विभागों से करीब 80 हजार कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में लगाए जाएंगे। वहीं करीब 50 हजार कर्मचारी केंद्र सरकार के विभागों से चुनावी ड्यूटी में लगाए जाएंगे। इसके मद्देनजर दिल्ली के मुख्य सचिव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिख चुके हैं। 

गौरतलब है कि पिछले तकरीबन डेढ़ दशक से तीनों नगर निगमों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी पूरी तरह सक्रिय है। लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी को पूरी उम्मीद है कि इस  बार वह भाजपा को दिल्ली नगर निगम की सत्ता से उखाड़ फेंकने में कामयाब हो जाएगी।

Edited By: JP Yadav