जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। एक युवक हंसी खुशी अपनी ससुराल पहुंचा, इलाका भीड़भाड़ वाला था तो अपनी कार को मुख्य सड़क पर ही खड़ा कर दिया। ससुराल वालों ने रात को ससुराल में रूकने की गुजारिश की तो वह रूक गया। पांच जून की सुबह जब राेड पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। युवक ने संतोष करते हुए गाड़ी चोरी की एफआइआर ऑनलाइन करवा दी। युवक के पैरों तले जमीन उस वक्त खिसक गई जब गाड़ी चोरी होने के 20 दिन बाद दिल्ली यातायात पुलिस ने ओवर स्पीडिंग का चालान उसके घर भेजा। 28 जून को मिलेनियम डिपो के पास कार का चालान कटा था।

इस दौरान विवेक विहार थाना पुलिस ने कोर्ट में हाथ खड़े करते हुए अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी। पीड़ित योगेश पोद्दार का कहना है कि चोर राजधानी दिल्ली में बेखोफ होकर उनकी कार को दौड़ा रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ना तो दूर उनकी कार को तलाश तक नहीं कर पा रही है।

झिलिमिल कालोनी में है ससुराल

पुलिस के अनुसार पीड़ित परिवार के साथ पश्चिम दिल्ली के हरी नगर में रहते हैं। विवेक विहार स्थित झिलमिल कालोनी में उनकी ससुराल है। पांच जून की शाम को वह अपनी कार से ससुराल गए थे, कॉलोनी में भीड़भाड़ होने के कारण उन्होंने कार को मुख्य सड़क पर ही खड़ा कर दिया। अगले दिन सुबह जब पीड़ित सड़क पर पहुंचे तो कार गायब थी, उन्होंने विवेक विहार थाने में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करवाई।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, जहां पर पीड़ित ने कार खड़ी की थी वहां पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। पुलिस ने जांच पड़ताल करने के कुछ दिन बाद कार के न मिलने की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। इस दौरान 30 जून को दिल्ली यातायात पुलिस ने योगेश के घर पर एक ओवर स्पीडिंग का चालान भेज दिया। चालान के साथ इंद्रप्रस्थ के पास बने मिलेनियम डिपो के पास कार भी फोटो भी भेजी गई। चालान 28 जून का है, जबकि उनकी काम पांच जून को चोरी हुई थी। पुलिस के आला अधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

Posted By: Dhyanendra Singh

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