जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी में दो हाई प्रोफाइल कारोबारी नवनीत कालरा और गगन दुग्गल का नाम सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब क्राइम ब्रांच कालरा और दुग्गल के काले कारोबार की विस्तृत जांच करेगी। दोनों आरोपित बड़े रसूखदार परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। गगन दुग्गल फिलहाल लंदन में है। जबकि कालरा के मोबाइल की अंतिम लोकेशन हरिद्वार में मिलने के आधार पर पुलिस उसकी उत्तराखंड में सहित अन्य इलाकों में तलाश कर रही है।

इस दौरान एक बात ये भी सामने आई है कि इन दोनों को विदेशों में अपने संपर्कों की बदौलत ये पता चल गया था कि देश में दूसरी लहर आएगी। इस दौरान यहां ऑक्सीजन की कमी होगी और कंसंट्रेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों की मांग बढ़ेगी, इसको ध्यान में रखते हुए ही इन लोगों ने इन उपकरणों को जमा करना शुरू कर दिया था, फिर जब ये मौका आया तो कालाबाजारी शुरू कर दी।

लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कालरा देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में नेपाल भी जा सकता है। विदेश भागने की आशंका के चलते उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक कालरा अपनी ऊंची पहुंच की बदौलत गिरफ्तारी से पहले अंतरिम जमानत लेने की कोशिश में जुटा हुआ है। कालरा और दुग्गल का देश-विदेश में हाई प्रोफाइल नेटवर्क होने के कारण इन्हें जानकारी थी कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर आएगी, जिससे दोनों ने विदेश से दिसंबर से ही आक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों मंगा कर जमाखोरी शुरू कर दी थी।

524 कंसंट्रेटर किए गए थे बरामद

खान चाचा, टाउन हाल व एक अन्य रेस्टोरेंट में छापेमारी कर पुलिस अब तक कुल 524 कंसंट्रेटर बरामद कर चुकी है, साथ ही पांच आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मैट्रिक्स सेल्युलर कंपनी का सीईओ गौरव खन्ना भी शामिल है। इसी कंपनी की आड़ में आक्सीजन कंसंट्रेटर व अन्य चिकित्सा उपकरणों का अवैध तरीके से आयात किया जा रहा था।

कालाबाजारी करने में सामने आया था दोनों का नाम

नवनीत कालरा और उनके साथी गगन दुग्गल ने मैट्रिक्स सेल्युलर की सहायता से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अवैध तरीके से आयात किए। विदेशों में संपर्क होने की वजह से आरोपितों को पहले से ही अनुमान था कि भारत में भी तेजी से संक्रमण के मामले बढ़ेंगे जिसके चलते उन्होंने दिसंबर से ही कंसंट्रेटर आयात करने शुरू कर दिए थे। उसके बाद इनको ये लोग तीन से चार गुना अधिक दाम में बेच रहे थे।

यूरोप से मंगाए थे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

सूत्रों के अनुसार, नवनीत कालरा ने अपने के एक दोस्त गगन दुग्गल की कंपनी मैट्रिक्स सेल्युलर के संपर्कों की सहायता से यूरोप से सैकड़ों ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मंगाए थे जिन्हें उसने छतरपुर स्थित अपने खुल्लर फार्महाउस में रखे थे। फार्महाउस से कंसेंट्रेटर कालरा के रेस्टोरेंट तक लाए जाते थे। डील पक्की होने और पैसों का भुगतान हो जाने के बाद वहां से जरूरतमंदों तक पहुंचाए जा रहे थे। इसके लिए वह ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल कर रहे थे। गगन दुग्गल देश के बड़े सैन्य परिवारों से संबंध रखता है।

चार गुना ज्यादा कीमत वसूल रहा था कालरा

दिल्ली में जब अरविंद केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह हुआ था उसमें 50 खास लोगों को बुलाया गया था, नवनीत कालर का उस लिस्ट में नाम था। वह केजरीवाल के खास मेहमानों में शामिल था। मगर इस संकट के दौर में वो लोगों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के नाम पर चार गुना कीमत वसूल रहा था।

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