नई दिल्ली, [निहाल सिंह]। राजधानी में अब यदि कोरोना से किसी की मौत होती है तो नगर निगम मृत्यु प्रमाण पत्र पर निशान लगा कर दस्तावेज देगा और मौत का कारण कुछ दूसरा है तो एक अलग दस्तावेज होगा। उत्तरी निगम ने इसके लिए तैयारी शुरू की है। महापौर जय प्रकाश ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि ऐसी व्यवस्था की जाए। हालांकि निशान क्या होगा अभी यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस पर कार्य कर रिपोर्ट देने को कहा है।

निगम द्वारा ऐसी व्यवस्था करने के पीछे उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग दस्तावेज से संभालकर रखने के लिए होने वाली परेशानी को कम करने का है। महापौर जय प्रकाश ने बताया कि विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा ऐसी घोषणा की जा रही है कि कोरोना से मृत्यु पर पीडि़त परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। ऐसा अगर, राजधानी में भी होता है तो नागरिकों के सामने बहुत सी परेशानी भविष्य में आएगी। इसलिए इन परेशानियों को कम करने के लिए निगम कोरोना मृत्यु पर जारी होने वाले मृत्यु प्रमाण पत्र पर अलग निशान जारी करने की तैयारी कर रहा है।

हालांकि महापौर ने अधिकारियों को यह भी सुझाव दिया है कि अगर, मृत्यु प्रमाण पत्र में निशान या अलग पहचान देने में कोई कानूनी अड़चन हो तो मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ अलग से एक और कागज जारी करें। जिस पर कोरोना से मृत्यु की पहचान हो। राजधानी में प्रतिवर्ष करीब 1.50 लाख मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते हैं।

क्या है प्रविधान

राजधानी में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का प्रविधान निगमों के पास है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) दिल्ली छावनी परिषद और तीनों नगर निगम (पूर्वी, उत्तरी व दक्षिणी) निगम के जन्म और मृत्यु पंजीयक रजिस्ट्रार यह प्रमाण पत्र जारी करते हैं। यह प्रमाण पत्र भारत के महारजिस्ट्रार के द्वारा बनाए गए नियमों के आधार पर जारी होते हैं।

महारजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का प्रारूप जारी कर रखा है। अस्पतालों में हुई मृत्यु के रिकार्ड के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते हैं वहीं घर या अन्य स्थान पर हुई मृत्यु के लिए मृतक के परिवार के सदस्य को संबंधित निगम क्षेत्र में आवेदन करना होता है। जिसके आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते हैं। फिलहाल मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं लिखा होता कारणफिलहाल मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का या बीमारी का नाम नहीं लिखा होता है।

इसमें केवल मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले रजिस्ट्रार की जानकारी के साथ मृत व्यक्ति का नाम, मृतक का जेंडर, मृत्यु का स्थान, पंजीकरण की तिथि, मृतक की माता का नाम, पिता या पति का नाम, जीवन साथी का नाम, वर्तमान पता, स्थाई पता, प्रमाण पत्र जारी होने की तिथि ही लिखी होती है। इसमें मृत्यु का कारण या बीमारी का नाम नहीं लिखा होता। हालांकि अस्पताल में होने वाली मृत्यु में अस्पताल निगम को मृत्यु का कारण लिखकर भेजते हैं। जिसे निगम आंतरिक रिकार्ड के लिए संभालकर रखता है।

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