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नई दिल्ली, जेएनएन। Former CM of Delhi Sushma swaraj dies at 67: अक्टूबर, 2018 से लेकर अगस्त 2019 तक दिल्ली ने अपने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को खो दिया है। 27 अक्टूबर की रात को पूर्व सीएम और 'दिल्ली का शेर' कहे जाने वाले मदन लाल खुराना (Madan Lal Khurana) ने अंतिम सांस ली तो 20 जुलाई, 2019 को 15 साल तक दिल्ली पर राज करने वाली शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) ने दुनिया को अलविदा कह दिया। वहीं, 6 अगस्त की रात को दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का निधन हो गया। आइए जानते हैं कुछ अजब संयोग जो तीनों के बीच कॉमन था। इतना ही नहीं, इस स्टोरी में पढ़िए सुषमा स्वराज को लेकर कई अहम बातें, जो कम ही लोग जानते होंगे।

तीनों का जन्म पंजाब में, बाद में बने दिल्ली के सीएम

मदन लाल खुराना, शीला दीक्षित और सुषमा स्वराज तीनों का रिश्ता पंजाब से रहा था। जहां सुषमा स्वराज का जन्म अंबाला (फिलहाल हरियाणा में, विभाजन से पहले यह पंजाब में था) में हुआ तो शीला दीक्षित का जन्म पंजाब के कपूरथला में हुआ था। वहीं, मदन लाल खुराना का जन्म पंजाब (पाकिस्तान) में हुआ था। बाद में तीनों की दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।

मदनलाल खुराना और सुषमा स्वराज का रात को हुआ निधन

यह महज संयोग है कि भाजपा से जुड़े दोनों मुख्यमंत्रियों (मदन लाल खुराना और सुषमा स्वराज) का निधन रात को हुआ। जब मदन लाल खुराना ने 27 अक्टूबर को अंतिम सांस ली तो वह दिन शनिवार का था और समय रात का था। वहीं, सुषमा स्वराज का निधन भी रात को ही हुआ। 

शीला और मदन लाल खुराना का शनिवार को हुआ निधन

यह भी महज संयोग है कि शीला दीक्षित और मदन खुराना का जिस दिन निधन हुआ वह दिन शनिवार ही था। दोनों का ही अंतिम संस्कार अगले दिन यानी रविवार को हुआ। 

शीला, मदन लाल खुराना और सुषमा स्वराज तीनों रहे केंद्रीय मंत्री

यह भी संयोग अजब है कि तीनों ही केंद्रीय मंत्री रहे। जहां शीला दीक्षित सीएम बनने से पहले केंद्रीय मंत्री बनीं तो सुषमा स्वराज और मदनलाल खुराना पूर्व मुख्यमंत्री होने के बाद केंद्रीय मंत्री के पद पर रहे। 

 

मदन लाल खुराना और शीला सीएम के बाद बने राज्यपाल

मदन लाल खुराना और शीला दीक्षित दोनों ही दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद राज्यपाल रहे। जहां मदनलाल खुराना राजस्थान के राज्यपाल बने तो शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल बनीं। यह भी संयोग है कि दोनों ही राज्यपाल के पद पर कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।

जेपी आंदोलन से जुड़े थे सुषमा व मदन

मदन लाल खुराना और सुषमा स्वराज दोनों ने ही जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। 

मिला दिल्ली की पहली मुख्यमंत्री होने का दर्जा

पड़ोसी राज्य हरियाणा के अंबाला से अपनी राजनीति की पारी शुरू करने वाली सुषमा स्वराज कभी दिल्ली की सीएम भी बनेंगी, इसका अंदाजा खुद उन्हें भी नहीं था। यह अलग बात है कि दिल्ली की सीएम बनने के साथ वह इतिहास के पन्नों में इसलिए दर्ज हो गईं, क्योंकि वह दिल्ली की मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं।

 यह भी जानें

  • सुषमा स्वराज वर्ष, 2009 में भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गईं थीं।
  • 2009 में लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा के 19 सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रही थीं।
  • अम्बाला छावनी में जन्मी सुषमा स्वराज ने एसडी कॉलेज अम्बाला छावनी से बीए तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली।

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Posted By: JP Yadav

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