नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। करीब तीन वर्ष बाद भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (बीएस)-4 के तहत 37 वाहनों के पंजीकरण का रास्ता साफ हो गया है। निगम ने इसके लिए कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली परिवहन विभाग से 28 वाहनों का पंजीकरण हो गया है। वहीं, नौ अन्य वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इससे निगम को स्वच्छता कार्य को और बेहतर करने में मदद मिलेगी।

दरअसल, दक्षिणी निगम ने वर्ष 2018-19 में बीएस-4 वाले 65 ट्रक खरीदे। इसके कुछ दिन बाद ही बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण पर रोक लग गई। इसमें निगम के 37 ट्रकों का पंजीकरण रह गया था। निगम लगातार इसके लिए प्रयास कर रहा था। एनजीटी से लेकर निगम ने सुप्रीम कोर्ट तक इसके लिए गुहार लगाई थी।

एडिशनल सालिसिटर जनरल (एएसजी) ने सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा कि बीएस-4 मानक के ऐसे वाहनों को भी पंजीकृत किया जा सकता है जिनके लिए मार्च 2020 से पहले ई-वाहन पोर्टल पर पंजीकरण हो गया है।

दक्षिणी निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष लेफ्टीनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) बीके ओबराय ने कहा कि हमें स्वच्छता कार्यों के लिए वाहनों की कमी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में इन वाहनों के पंजीकरण होने से हमें इसमें कुछ हद तक मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि बीएस-4 के वाहनों की खरीद को लेकर लगातार पार्षद सवाल उठा रहे थे वहीं, अधिकारियों को कई बार बैठकों में कठघरे में भी खड़ा किया गया। पंजीकरण का रास्ता साफ होने से एक विवाद खत्म हो गया है।

Edited By: Jp Yadav