नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुख्यात सद्दाम गौरी गिरोह के बदमाश संग्राम सिंह उर्फ शक्ति गुर्जर को गिरफ्तार किया है। सद्दाम गौरी कुख्यात विकास लगरपुरिया गिरोह का प्रतिद्वंद्वी है। संग्राम, विकास लगरपुरिया के चचेरे भाई अंकित गुलिया की हत्या करने के लिए मौका ढूंढ रहा था।

कई साल पूर्व बागपत में देहरादून पुलिस की हिरासत से बदमाश अमित भूरा को छुड़ाने व पुलिस कर्मियों के पास से एसएलआर और एके 47 जैसे हथियार लूटने के मामले में नीरज बवाना को सद्दाम गौरी ने भी साथ दिया था। जिसके बाद नीरज से भी सद्दाम गौरी का गठजोड़ हो गया था।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक संग्राम सिंह, सागरपुर का रहने वाला है। वह सद्दाम गौरी के निर्देश पर केबल आपरेटर, सट्टा आपरेटर व शराब तस्करों से उगाही करने का धंधा कर रहा था। इसके खिलाफ दिल्ली में पहले के सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2018 में उसने गैंगस्टर जोग्गा की मां पर गोली चला दी थी। चार जुलाई को निरीक्षक कृष्ण कुमार की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संग्राम सिंह उर्फ प्रीतम उर्फ सूरज उर्फ शक्ति गुर्जर को छावला, नजफगढ़ से दबोच लिया। उसके पास से एक पिस्टल व छह कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस का कहना है कि संग्राम का द्वारका, पश्चिम और दक्षिण पश्चिम जिले में आतंक है। रंगदारी न देने पर वह उनपर गोलियां चला देता है। पुलिस से बचने के लिए वह अक्सर जगह बदल लेता था। तीन जुलाई को संग्राम सिंह को सूचना मिली कि उसका प्रतिद्वंदी शंकर व अंकित गुलिया दिल्ली के एक बार में शराब पी रहे हैं। बदला लेने के लिए वह अपने साथियों के साथ जब उक्त बार में पहुंचा देानों वहां नहीं मिले।

संग्राम पहले दक्षिण पुरी में रहता था बाद में वह सागरपुर में रहने लगा। 2004 में शराब और ड्रग्स की बुरी लग लगने ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए अपराध का रास्ता चुन लिया था।2018 में तिहाड़ जेल में उसकी मुलाकात सदाम गौरी से होने पर वह उसके गिरोह में शामिल हो गया था।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari