नई दिल्ली (जेएनएन)। पाकिस्तान मूल के कनाडाई लेखक तारिक फतेह ने सोमवार को कहा कि राजधानी में आयोजित उर्दू शायरी महोत्सव जश्न-ए-रेख्ता में भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि करीब 100 लोगों की भीड़, जिनमें ज्यादातर नौजवान थे ने उन पर हमला कर दिया।

मुस्लिम कनाडाई कांग्रेस के संस्थापक फतेह ने बताया कि हमला करने वाले लोगों का पुलिस ने भी साथ दिया। पुलिस उपायुक्त जब वहां पहुंचे तो उन्होंने भीड़ को शांत कराया। उन्होंने ट्वीट किया कि भीड़ ने उन्हें अपशब्द भी कहे। आयोजकों की तरफ से बताया गया कि यह एक गैरराजनीतिक आयोजन था। हम एक छोटी सी टीम हैं। स्वयंसेवी तैयारियों में व्यस्त थे। इसी दौरान भीड़ उग्र हुई। जब हमें लगा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है तो पुलिस को बुलाया गया।

पाकिस्तानी मूल के लेखक और पत्रकार तारिक फतेह ने ट्वीट में इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि मैं इस तरह के विरोध का आदी हो गया हूं।

इस दौरान वहां पर जुटे कुछ लोगों ने तारिक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इतना ही नहीं, तारिक को अपशब्द कहे और अमर्यादित शब्दों का भी इस्तेमाल किया। हालत यह हो गई कि कार्यक्रम में बढ़ते विरोध के कारण फतेह को लौटने पर मजबूर होना पड़ा।

वहां मौजूद श्रोता के मुताबिक, कार्यक्रम में लोगों ने एकजुट होकर फतेह का विरोध किया, साथ ही जमकर नारेबाज़ी भी की। इसका परिणाम ये हुआ कि पुलिस को उनको वहां से ले जाना पड़ा।

गौरतलब है कि तारिक फतह इस्लामी अतिवाद के विरुद्ध बोलने और एक उदारवादी इस्लाम के पक्ष को बढ़ावा देने के लिए प्रसिद्ध हैं। तारिक फतह दक्षिण एशिया और विशेष रूप से कट्टरपंथी भारतीय और पाकिस्तानी मुसलमानों की अलगाववादी संस्कृति के विरुद्ध भी बोलते हैं और वे समलैंगिक व्यक्तियों के सामान अधिकारों और हितों के भी पक्षधर हैं।

इसके साथ ही वे बलोचिस्तान में मानवाधिकार के हनन और पाकिस्तान द्वारा बलोचिस्तान में किये जा रहे ज़्यादतियों के विषय पर भी बोलते और लिखते हैं, और 'आज़ाद बलोचिस्तान' के पक्षधर के रूप में भी जाने जाते हैं।

यहां पर बता दें कि उन्होंने कनाडाई मुस्लिम कांग्रेस का स्थापना किया और वे इस्लाम का उदारवादी और प्रगतिशील रूप के समर्थक हैं। पाकिस्तानी व्यवस्थापिका तथा इस्लामिक कट्टरपंथ, एवं इस्लामिक इतिहास और कुछ परंपराओं के विषय में बोलने के कारण, उनके विचार, अक्सर बहस और विवाद का पात्र रहते हैं।

दरअसल, फतेह का फतवा शो के जरिए उन पर इस्लाम धर्म और मुस्लिमों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने सहित देश की बहुसंख्यक समुदाय को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काने के भी आरोप लगते रहे हैं। इसी वजह से उनके और उनके शो के खिलाफ कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया जा चुका है।

आपको बता दें कि दिल्ली के वकील हिफज़ुर रहमान खान की ओर से तारिक फतेह के कार्यक्रम 'फतेह का फतवा' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यक्रम को बंद करने के लिए याचिका दायर की गई है।

दायर याचिका में निजी चैनल के इस प्रोग्राम को इस्लाम धर्म और उसकी पाक किताब कुरान और हदीस पर कीचड़ उछालने वाला बताया गया है।

Posted By: JP Yadav

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