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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रक्तदान व प्रौढ़ शिक्षा के सहारे सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ा रही हैं तरन्नुम नकी

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Wed, 31 Mar 2021 11:51 AM (IST)

तरन्नुम नकी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के दौरान प्लाज्मा और अलग-अलग ब्लड ग्रुप न मिलने से ...और पढ़ें

लोगों को सामाजिक भागीदारी के जरिये जोड़ने का काम शुरू किया।
लोगों को सामाजिक भागीदारी के जरिये जोड़ने का काम शुरू किया।

गौरव बाजपेई, दक्षिणी दिल्ली। शिक्षा समाज को किस तरह से जोड़ती है, यह कोई तरन्नुम नकी से सीखे। मालवीय नगर की रहने वाली तरन्नुम बच्चों व प्रौढ़ को प्रारंभिक शिक्षा के साथ ही उन्हें सामाजिक भागीदारी से भी जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। वह अपने कालेज के समय से सामाजिक गतिविधियों में शामिल हुई और 2019 में उन्होंने अपना सामाजिक संगठन कौसर एन फाउंडेशन पंजीकृत कराया। इसके बाद उन्होंने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया।

23 मार्च को शहीद दिवस को उनके संगठन ने महरौली की एक दरगाह और मालवीय नगर के गीता भवन मंदिर में रक्तदान शिविर लगाया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। तरन्नुम ने बताया कि उनके पिता मुहम्मद नकी एक निजी कंपनी में ड्राइवर का काम करते हैं, लेकिन उन्होंने तरन्नुम को सिखाया कि शिक्षा किसी भी समुदाय को आगे लेकर जा सकती है। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने अपने संगठन की नींव रखी। वे 2013 से पढ़ाई छोड़ चुके और गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से गरीब बच्चों को जोड़कर उन्हें हुनरमंद बना रही हैं। उन्होंने बताया कि सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान उपजी सामाजिक दूरियों को मिटाने के लिए उन्होंने लोगों को सामाजिक भागीदारी के जरिये जोड़ने का काम शुरू किया।

लाकडाउन के दौरान खाना बांटने से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समुदाय को लेकर कुछ लोग भ्रांतियां फैला रहे थे, जिसको लेकर उन्होंने नेफा संगठन के साथ मिलकर धार्मिक स्थलों पर रक्तदान शिविर के आयोजन का फैसला लिया। उनके इस फैसले का दोनो समुदायों से भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के दौरान प्लाज्मा और अलग-अलग ब्लड ग्रुप न मिलने से परेशान लोगों को जागरूक कर रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। उन्होने बताया कि वे आगे भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम कर लोगों की भागीदारी बढ़ाएंगी।