नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी के राष्ट्र समेत विश्व की अर्थव्यवस्था पर पड़े गहरे प्रभाव और उससे निकलने के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार करने को लेकर स्वदेशी जागरण मंच ‘अर्थ चिंतन’ करेगा। यह तीन दिवसीय वचरुअल चिंतन 23 से 25 सितंबर तक होगा।

ये बड़े नाम रहेंगे शामिल

इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व भूपेंद्र यादव, नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार, जोहो कारपोरेशन के अध्यक्ष श्रीधर वेम्बू, मनिपाल एजुकेशन समूह के अध्यक्ष मोहनदास पई, अमूल के प्रबंध निदेशक आर. एस. सोढ़ी व पतंजलि से आचार्य बालकृष्ण सहित अन्य विशेषज्ञ भाग लेंगे।

चर्चा का प्रमुख विषय देश की अर्थव्यवस्था

इनके साथ ही कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग सम्मिलित होंगे। विशेष बात कि इसमें हावर्ड विश्वविद्यालय समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर भी वैश्विक परिपेक्ष्य में भारत की अहम भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख दीपक शर्मा ने बताया कि इस चर्चा का प्रमुख विषय देश की अर्थव्यवस्था को 10 टिलियन डालर बनाने, हर हाथ को काम देने व पर्यावरण हितैषी सर्वसमावेशी विकास का है।

गांव स्तर पर ले जाकर होगा विमर्श

उन्होंने बताया कि इसका आयोजन मंच के स्वदेशी शोध संस्थान व 850 से अधिक भारतीय विश्वविद्यालयों के एसोसिएशन (एआइयू) द्वारा मिलकर किया जा रहा है। मंच द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस चर्चा में तैयार रोडमैप को सरकार से साझा करने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर गांव स्तर पर ले जाकर व्यापक विमर्श कराया जाएगा।

स्कूल, कालेज व हास्पिटल की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

वहीं, दक्षिणी दिल्ली के अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ओ-जोन मुक्ति संघर्ष समिति ने मीठापुर चौक पर प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि तीन साल पहले एनटीपीसी बंद हो जाने के बाद से यह जमीन खाली पड़ी है। इस पर अभी डीडीए का मालिकाना हक है। जनता के हित के लिए इस जमीन पर स्कूल, कालेज, हास्पिटल, स्टेडियम, बस टर्मिनल, फायर स्टेशन आदि बनवाया जाना चाहिए।

Edited By: Prateek Kumar