नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (Environment pollution prevention and control authority ) से वायु प्रदूषण पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा दिल्ली सरकार से प्रदूषण हॉटस्पॉट के बारे में एक्शन प्लान भी मांगा है। कोर्ट ने दिल्ली से कहा कि आइआइटी दिल्ली की वायु प्रदूषण और पराली जलाने के हॉटस्पॉट के बारे में एक रिपोर्ट है। उस अध्ययन का क्या निष्कर्ष निकला। अभी उसमें कितना और वक्त लगेगा। कोर्ट ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि उसने नियमों का पालन नहीं करने वाले उद्योगों को नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किए हैं। रिपोर्ट कह रही है कि वहां 2279 उद्योगों का सर्वे हुआ है जिसमें 243 पालन नहीं करते हुए पाए गए। दिल्ली से भी पूछा कि उसने क्या उपाय किए हैं। कोर्ट ने कहा कि उसे सभी मुद्दों पर हलफनामा चाहिए, न कि सिर्फ पराली के मामले में। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह कैरोसीन से चलने वाले वाहनों को रोकने के लिए नियम बनाए। दिल्ली ने कोर्ट को बताया कि उसने वाहनों की भीड़भाड़ रोकने और कचरा निस्तारण के बारे में कई उपाय किए हैं।

दिल्ली में स्मॉग टावर लगाने का काम शुरू

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में स्मॉग टावर लगाने का काम शुरू हो गया है। कहा कि टावर की स्थिरता को बनाए रखने के लिए वहां की मिट्टी के नमूने लिए गए हैं। इसी दौरान कोर्ट ने इसका विरोध करने वाली एक अर्जी खारिज कर दी।

बता दें कि पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा पराली जलाए जाने के चलते नवंबर-दिसंबर महीने में दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। हालात इस कदर खराब हो जाते हैं कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर 1000 के पार तक चला जाता है। दिल्ली में कई बार गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है।

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