यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
करप्शन मूवमेंट से लेकर CM केजरीवाल की गिरफ्तारी तक, हर मुश्किल समय में दिया पति का साथ; सुनीता के बारे में जानिए सबकुछ
Arvind Kejriwal News दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल कथित शराब घोटाले में अपने पति की गिरफ्तारी ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की पत्नी सुनीता केजरीवाल (Sunita Kejriwal) शुक्रवार को फिर प्रेस में आकर अपना बयान दिया। वह आबकारी नीति घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में पति की गिरफ्तारी के बाद सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने आ रही हैं। वह पति के संदेशों को पढ़ रही है और लोगों को आश्वस्त कर रही हैं कि केजरीवाल उनके हितों में काम करते रहेंगे।
21 मार्च को सीएम की गिरफ्तारी के बाद सुनीता केजरीवाल ने तीन बार वीडियो संदेशों के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। सुनीता उसी कुर्सी पर बैठकर अपना बयान दे रही हैं, जहां से केजरीवाल कई बार भाषण दे चुके हैं। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि सुनीता केजरीवाल को अरविंद केजरीवाल की अनुपस्थिति में सीएम की कमान सौंपी जा सकती है।
कौन हैं सुनीता केजरीवाल?
1994 बैच की भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी सुनीता केजरीवाल ने 22 वर्षों तक आयकर (आईटी) विभाग में अपनी सेवाएं दीं। 1995 बैच के आईआरएस अधिकारी रहे अरविंद की सुनीता से मुलाकात भोपाल में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।
2016 में, सुनीता केजरीवाल ने आईटी विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। आखिरी बार उन्होंने दिल्ली में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में आईटी आयुक्त के रूप में कार्य किया था। एचटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उनके पास जीव विज्ञान में मास्टर डिग्री है।
चुनाव प्रचार के लिए ली थी लंबी छुट्टी
सुनीता केजरीवाल 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन में सक्रिय भागीदार रही हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व 2011-2012 में उनके पति अरविंद केजरीवाल ने किया था। उन्होंने आम आदमी पार्टी के गठन और उसके बाद पार्टी के चुनाव अभियानों में भी अभिन्न भूमिका निभाई थी। 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान, जब केजरीवाल ने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा, तो सुनीता ने अपने कार्यालय से लंबी छुट्टी ली और उनके लिए प्रचार किया था।
