नई दिल्ली [ जेएनएन ]। सुहैब इलियासी मामले की सुनवाई के दौरान अंजू की मां रूकमा सिंह काफी सहमी हुई थीं। लेकिन इंसाफ पाने के लिए उनकी दिल तड़प रहा था। उन्‍होंने रोते हुए कहा कि जिस इंसान के लिए मेरी बेटी ने सब कुछ त्याग का फैसला किया, उसने ही उसकी जिंदगी तबाह कर दी। इसलिए 17 साल तक लड़ी इस लड़ाई में कई बार ऐसा अवसर भी आया कि जब हौसला टूटा, लेकिन मैंने अपने मन का मजबूत बनाया। उन्‍होंने कहा कि मुझे संविधान पर पूरा भरोसा है।

सुनवाई से पहले वह सहमी हुईं थीं, लेकिन जैसे-जैसे उनके वकील ने दलीलें सुनाई तो उनका आत्मविश्वास और ईश्वर पर भरोसा जाग गया। वह दोनों पक्षों की दलील होने के बाद कोर्ट से निकलकर काफी अच्छा महसूस कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि जब भी में अपनी बेटी की फोटो देखती तो ऐसा लगता था कि वो मुझसे कह रही है कि मां मेरे साथ गलत हुआ है। उन्होंने बताया कि सुहैब को निचली अदालत ने तो आजीवन करावास की सजा सुना दी है। अगर वह लोग हाइकोर्ट जाते हैं, तो मैं भी हाइकोर्ट की लड़ाई लड़ूगीं। मुझे अपने संविधान पर पूरा भरोसा है।

उधर, सुहैब इलियासी कोर्ट रूम में गर्म माहौल को देखते हुए इतना घबराया हुआ था कि इतनी सर्दी में भी माथे पर पसीना था। न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने उसे पानी पिलाने को कहा। पानी पीने के दरमियान हाथ कांप रहा था, एक बार तो गिलास गिरने से भी बचा।

 

Posted By: Ramesh Mishra

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