नई दिल्ली [राहुल चौहान]।Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में नवंबर से शुरू होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत छात्रों को चार वर्षीय स्नातक कोर्स की पढ़ाई करनी है। एनईपी के नियमों के अनुसार डीयू के छात्रों को इसी सत्र से पढ़ाई बीच में छोड़ने और फिर से शुरू करने के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट के विकल्प मिलेंगे। इसके तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके छात्र कभी भी अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू कर पूरी कर सकेंगे।

पढ़ाई छोड़कर दोबारा एक या दो साल बाद फिर से पढ़ाई शुरू करने के लिए डीयू छात्रों को दोबारा से दाखिला लेने के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। जबकि दूसरे विश्वविद्यालय के छात्र को दोबारा से पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रवेश परीक्षा देनी होगी। डीयू ने बुधवार को नए सत्र से लागू हो रहे अंडर ग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (यूजीसीएफ) के प्रारूप और चार वर्षीय पाठ्यक्रम के विषय में छात्रों को जानकारी देने के लिए वेबिनार का आयोजन किया।

वेबिनार में छात्रों को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के तहत पढाए जाने वाले कोर्सेज के संबंध में जानकारी दी गई। डीयू कुलसचिव डा. विकास गुप्ता ने वेबिनार में बताया कि छात्रों को एक साल का कोर्स पूरा करने पर प्रमाण पत्र, दो साल पर डिप्लोमा, तीन साल के लिए डिग्री व चार साल का कोर्स पूरा करने पर डिग्री विद रिसर्च मिलेगी।

उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में बैचलर आफ आ‌र्ट्स (आनर्स), बैचलर आफ साइंस (आनर्स), और बैचलर आफ कामर्स (आनर्स) के पाठ्यक्रम में भी शोध को जोड़ा गया है। प्रत्येक वर्ष छात्र को अकादमिक क्रेडिट मिलेंगे। इसे अकादमिक क्रेडिट बैंक कहा जाएगा।

यह क्रेडिट सात साल तक मान्य रहेंगे। उल्लेखनीय है कि डीयू में स्नातक कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन, कालेज व कोर्स चयन करने की प्रक्रिया जारी है। नवंबर से स्नातक में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए नया सत्र शुरू होगा।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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