नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शनिवार को एक पैरामेडिकल छात्र की मौत के बाद छात्रावास आवंटन की मांग को लेकर शुरू हुआ पैरामेडिकल छात्रों का धरना जारी है। सोमवार शाम को छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर एम्स प्रशासन से जल्द छात्रावास आवंटन की मांग की।

तीनों संगठन ने छात्र अभिषेक की मौत को बताया दुखद

इससे पहले रविवार को एम्स रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए), स्टूडेंट नर्सेज एसोसिएशन (एसएनए) और सोसायटी आफ यंग साइंटिस्टस (एसवाईएस) ने भी पैरामेडिकल छात्रों की छात्रावास की मांग को सही ठहराते हुए उनके समर्थन की घोषणा की। तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से वक्तव्य जारी कर बीएससी आप्टोमेट्री के छात्र अभिषेक की मौत को दुखद बताते हुए कहा कि एम्स में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों को छात्रावास मिलना चाहिए। इससे भविष्य में इस तरह की घटना किसी अन्य छात्र के साथ न घटे।

एम्स में छात्रावास की कमी

अगर एम्स में छात्रावास की कमी है तो बाहर किराए पर पर लेकर छात्रों को छात्रावास की सुविधा दी जानी चाहिए जहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो। तीनों संगठनों ने आप्टोमेट्री स्टूडेंट एसोसिएशन (ओएसए) की मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग का भी समर्थन किया।

एम्स प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

उल्लेखनीय है कि अभिषेक की मौत को लेकर ओएसए ने छात्रावास न मिलने को भी कारण बताते हुए एम्स प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, एम्स प्रशासन का कहना है कि छात्रावास की कमी के चलते वर्ष 2020 से पैरामेडिकल के छात्रों को छात्रावास की सुविधा बंद कर दी गई थी, जिसका प्रोस्पेक्टस में भी उल्लेख है।

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Edited By: Prateek Kumar