नई दिल्ली, जेएनएन। खाताधारक की आपत्ति के बावजूद दूसरे खाते में रुपये ट्रांसफर करने पर राज्य उपभोक्ता आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 30 दिन में इस आदेश का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माने की रकम 18 फीसदी ब्याज के साथ देनी होगी।

सैनी एंक्लेव का है मामला
दिल्ली के सैनी एंक्लेव निवासी सुधा जैन ने प्रीत विहार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रबंधक के खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया था। इसमें कहा गया था कि उनके बेटे को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाना था।

बैंक में जमा कराए 13 लाख रुपये
इसलिए उन्होंने बैंक में बचत दिखाने के लिए करीब 13 लाख रुपये जमा कराए। इसमें काफी रकम लोन की थी। उन्होंने बैंक से यह रकम पति के खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा, लेकिन सीए की सलाह पर बाद में रुपये ट्रांसफर नहीं करने का लिखित आग्रह किया। साथ ही पूरी रकम के दो पेयी ऑर्डर (भुगतान आदेश) बनाने का भी आग्रह किया, लेकिन दो दिन तक पेयी ऑर्डर तैयार नहीं किया गया।

कुछ और ही निकला माजरा
बैंक में कारण पूछने पर खाते में पैसे नहीं होने की बात कही गई। जैन की याचिका के मुताबिक, आपत्ति के बावजूद उनके खाते से 13 लाख रुपये पति के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। वहीं, पीएनबी की तरफ से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता के पति आरके जैन पीएनबी में प्रबंधक हैं और उनके खिलाफ जांच चल रही है।

सेवा में कोताही 
ऐसे में यह केस बेवजह दायर किया गया है। हालांकि, आयोग ने कहा कि किसी के खिलाफ जांच चलना अलग विषय है, लेकिन उपभोक्ता के पैसे इस तरह से ट्रांसफर करके बैंक ने सेवा में कोताही बरती है। ऐसे में प्रताड़ना के बदले जुर्माना अदा करना होगा।