नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जम्मू-कश्मीर के नए आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट जम्मू-कश्मीर (आइएसजेके) के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके बैग से 7.65 बोर की दो विदेशी पिस्टल, 10 कारतूस, 4 मोबाइल फोन व कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। दोनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा से पिस्टल लेकर आए थे।

बस स्टॉप से किया गया गिरफ्तार 
स्पेशल सेल की टीम ने दोनों को बृहस्पतिवार रात 10.45 बजे लालकिला के पास स्थित एक बस स्टॉप से गिरफ्तार किया। दोनों बस से जम्मू जाने की फिराक में थे। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों के नाम परवेज राशिद लोन उर्फ शाहिद (24) व जमशेद जहूर पॉल (19) हैं। दोनों जम्मू-कश्मीर के गनोपुरा, शोपियां के रहने वाले हैं।

दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट 
जमशेद के पिता जम्मू-कश्मीर पुलिस से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। छह दिन पहले ही उन्होंने स्थानीय थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जमशेद जम्मू-कश्मीर स्थित एक कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर रहा है। वहीं, स्पेशल सेल के मुताबिक 5 सितंबर 2016 को परवेज का छोटा भाई फिरदौस राशिद लोन उर्फ अबु उमर कुख्यात आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ था। उस पर तीन लाख रुपये का इनाम था। गत वर्ष दिसंबर में हिजबुल मुजाहिद्दीन को छोड़कर वह इस्लामिक स्टेट जम्मू-कश्मीर में शामिल हो गया था। 24 जनवरी को शोपियां में सुरक्षा बलों के हाथों मुठभेड़ में वह मारा गया था। 

दिल्ली को दहलाने की साजिश नहीं 
डीएनएस कॉलेज, अमरोहा से 2016 में सिविल इंजीनियरिंग से बीटेक कर चुका परवेज एमटेक कर रहा है। छोटे भाई फिरदौस के मारे जाने पर वह भी आतंकी बन गया। अमरोहा से पढ़ाई करने के कारण उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली-एनसीआर के बारे में अच्छी जानकारी है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे आइएसजेके के आमीर आसिफ उर्फ ओमर आइबीएन नजीर व नायब आमीर आदिल ठोकर के निर्देश पर अमरोहा से हथियार लेकर जम्मू जा रहे थे। इनकी योजना दिल्ली में कोई आतंकी घटना को अंजाम देने की नहीं थी।

भटके हुए युवा शामिल 
जम्मू-कश्मीर पुलिस को दोनों के बारे में जानकारी दे दी गई है। परवेज इससे पहले भी आसिफ उर्फ ओमर के निर्देश पर अप्रैल में अमरोहा से एक 9 एमएम की पिस्टल जम्मू ले जा चुका है। फिलहाल ये छोटे हथियार इकट्ठा कर रहे थे। बाद में इनकी योजना बड़े व अत्याधुनिक हथियार खरीदने की थी। सेल का कहना है कि इस्लामिक स्टेट जम्मू-कश्मीर का नया आतंकी संगठन है। आतंकी संगठन आइएस से प्रभावित होकर इस्लामिक स्टेट जम्मू-कश्मीर बनाया गया है, जो देश में पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। कश्मीर में आइएस का झंडा लहराकर सुरक्षा बलों पर पथराव करने वाले भटके हुए युवा इसमें शामिल हैं।

Posted By: JP Yadav