यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इस SP का अलग ही है अंदाजः छुट्टी लो, परिवार के साथ घूमने जाओ, सेल्फी भेजो
पुलिसकर्मियों को कहा गया कि अगर वे रिलैक्स नहीं होंगे तथा परिवार के साथ समय नहीं बिताएंगे तो ठीक से ड्यूटी भी नहीं कर पाएंगे। उनका स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा।

रेवाड़ी (अमित सैनी)। दिमाग में तनाव होगा और शरीर थका रहेगा तो ड्यूटी कैसे करोगे, छुट्टी लो, परिवार के साथ घूमने जाओ और वहां से फोटो खींचकर मुझे भेजो। करीब 20 दिन पहले जिला में ज्वाइन करने वाले एसपी राजेश दुग्गल का यह नया अंदाज पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा में है। चर्चा हो भी क्यों न शायद पहली बार किसी अधिकारी ने अपने जवानों को छुट्टी देने की बात कही हैं वरना तो सब ड्यूटी की ही कहते हैं।
एसपी दुग्गल ने अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि या तो खुद ही छुट्टी के लिए अप्लाई करें वरना लंबे समय से ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को जबरदस्ती परिवार के साथ समय बिताने व घूमने जाने की छुट्टी दी जाएगी।
डीएसपी व एसएचओ को विशेष तौर पर निर्देश एसपी राजेश दुग्गल जिला का कार्यभार संभालने के बाद दो बार पुलिसकर्मियों की बैठक ले चुके हैं। इन बैठकों में बातचीत के दौरान ही सामने आया कि कई एसएचओ व डीएसपी लंबे समय से छुट्टी ही नहीं ले पाए हैं। छुट्टी नहीं ले पाने का कारण हर किसी ने काम का दबाव बताया। एसपी ने अब अपने डीएसपी व एसएचओ को विशेष तौर पर बारी-बारी से छुट्टी लेने के लिए कहा है।
साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि छुट्टियां लेकर वे इधर-उधर के काम नहीं निपटाएंगे बल्कि परिवार के साथ घूमने के लिए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को कहा गया कि अगर वे रिलैक्स नहीं होंगे तथा परिवार के साथ समय नहीं बिताएंगे तो ठीक से ड्यूटी भी नहीं कर पाएंगे। उनका स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाएगा।
नियमित योग के भी दिए आदेश एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश भी दिए हैं कि वे अपने-अपने थाना व चौकियों में रोजाना सुबह पुलिसकर्मियों के लिए योग व प्राणायाम अनिवार्य करें। योग करने से शरीर तंदुरुस्त होगा तथा मस्तिष्क भी शांत रहेगा।
पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने बताया कि मेरे संज्ञान में आया कि ज्यादातर एसएचओ व डीएसपी छुट्टी ही नहीं ले रहे। एसएचओ अगर छुट्टी चले जाएंगे तो क्या थाना नहीं चलेगा। सभी एसएचओ व डीएसपी को स्पष्ट कर दिया गया है कि वे बारी-बारी से अपनी-अपनी छुट्टियां ले तथा परिवार के साथ घूमने के लिए जाएं। इतना ही नहीं जहां घूमने जाए वहां से मुझे फोटो भी भेजे ताकि पता चल सके कि छुट्टी का सदुपयोग हुआ है। पुलिसकर्मी अगर तनाव में होंगे तो काम कैसे कर पाएंगे।
