नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। लुभावनी योजना में निवेश करने पर लाभ देने का झांसा देकर 600 लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले जालसाज को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस जालसाज के दो साझेदारों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपित गांव अहमदपुर, मऊ यूपी के देवेंद्र कुमार बीएलएस रियलिटी इंफ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी का निदेशक है।

ईओडब्ल्यू के विशेष आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने 2019 में बीएलएस रियलिटी इंफ्रा इंडिया लिमिटेड और बीएलएस को-ऑपरेशन क्रेडिट सोसाइटी के निदेशकों के खिलाफ ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि कंपनी 2012 से इंद्रलोक से संचालित हो रही थी। कंपनी के प्रमोटरों ने मासिक आय योजना, सावधि जमा, गुल्लक योजना, आदि लुभावने योजनाएं शुरू की।

इन योजनाओं में निवेश करने पर कम अवधि में अच्छे रिटर्न देने का आश्वासन दिया था। साल 2017 में निवेशकों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि अलग-अलग बहाने देकर निवेशकों को परिपक्व राशि का भुगतान नहीं किया। साल 2019 में निदेशकों ने अपना कार्यालय बंद कर दिया।जांच में पता चला कि कंपनी आरबीआई के साथ एनबीएफसी के रूप में पंजीकृत नहीं थी।

छानबीन में पता चला कि कंपनी के एक निदेशक धर्मेंद्र कुमार अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। कंपनी के आरओसी से सारे रिकार्ड इक्कठा किए गए। जिसमें पता चला कि कंपनी को साल 2012 में शुरू किया गया। कंपनी में धर्मेंद्र कुमार, राम जन्म भारती और देवेंद्र कुमार प्रमोटर के साथ-साथ निदेशक भी थे। जांच के दौरान पुलिस ने कंपनी के दस्तावेज और डिजिटल डेटा आदि जब्त किए।

निदेशकों त्रिनगर निवासी धर्मेंद्र और गांव सराय गंगा, मऊ उत्तर प्रदेश के रामजन्म भारती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जबकि निदेशक देवेंद्र कुमार फरार हो गया था। उसे अदालत से भगोड़ा करार कर दिया गया। उसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। 28 सितंबर को पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद देवेंद्र को मऊ से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

Edited By: Pradeep Kumar Chauhan

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