नई दिल्ली, जेएनएन। दिलशाद गार्डन स्थित बालिका संस्कार आश्रम से नौ लड़कियों के गायब होने के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बृहस्पतिवार को मामले की फाइल जिला पुलिस से लेकर अपराध शाखा को दे दी गई। गौरतलब है कि जिले की पुलिस पांच दिन में नौ लड़कियों के बारे में कोई भी सुराग नहीं जुटा पाई। शाहदरा पुलिस उपायुक्त मेघना यादव ने इसकी पुष्टि की है।

एक दिसंबर की आधी रात को एक नौ लड़कियां संस्कार आश्रम से संदिग्ध हालात में गायब हो गईं थीं। इस संबंध में जीटीबी एंक्लेव थाने में केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच में जिले की कई टीमों को लगाया गया, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने शुरुआत में ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की थी, लेकिन इस पर फैसला बृहस्पतिवार को लिया गया। अब तक जांच में पुलिस को आशंका है कि ये लड़कियां नेपाल भाग चुकी हैं, क्योंकि नौ में से आठ लड़कियां नेपाल की ही रहने वाली हैं। नाबालिग लड़की बिहार की रहने वाली है। इन सभी को गत मई में मानव तस्करी और देह व्यापार के गिरोह से मुक्त कराया गया था।

सभी शेल्टर होम का सोशल ऑडिट होगा: मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली महिला आयोग को राजधानी में महिलाओं और लड़कियों के सभी शेल्टर होम का सोशल ऑडिट करने का निर्देश दिया है। आयोग ने इस काम के लिए कोशिश नाम की एजेंसी की सेवा ली है।

कोशिश की टीम शेल्टर होम में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का ऑडिट करेगी। इसमें वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएं, स्टाफ की संख्या, उनको दी गई ट्रेनिंग, व्यवहार, होम में रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए किए गए प्रयास जैसे बिंदु शामिल हैं। टीम सभी अच्छी और खराब चीजों का अभिलेख बनाएगी। ऑडिट के दौरान यदि किसी गृह में गड़बड़ी मिलेगी तो इसकी सूचना टीम तुरंत महिला आयोग को देगी।

बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में टाटा इंस्टीट्यूट की टीम और महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों की बैठक हुई। इसमें दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि कृष्णन मौजूद थीं। इसमें कोशिश के निदेशक मो. तारिक व कई शेल्टर होम के इंचार्ज भी मौजूद रहे।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी शेल्टर होम की हालत और कार्यप्रणाली ठीक करने के लिए प्रतिबद्ध है। भेदभाव न हो, इसलिए बाहरी एजेंसी की सेवाएं ली हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि आयोग ने सितंबर में शेल्टर होम ऑडिट के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसकी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपी जा रही है।

 

Posted By: JP Yadav