नई दिल्ली, जेएनएन। सिग्नेचर ब्रिज बवाल प्रकरण में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को सांसद मनोज तिवारी से नॉर्थ एवेन्यू स्थित उनके आवास पर करीब दो घंटे तक पूछताछ की। डीसीपी क्राइम ब्रांच डॉ. जी राम गोपाल नायक पूछताछ करने के लिए खुद उनके आवास पर गए।

सिग्नेचर ब्रिज प्रकरण में न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने भाजपा के उत्तर-पूर्वी जिले के सांसद व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुखर्जी नगर निवासी भाजपा कार्यकर्ता बीएन झा व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता तौकीर की शिकायत पर तीन एफआइआर दर्ज की थीं। पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने विस्तृत जांच के लिए तीनों मामले क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित कर दिए थे।

गत वर्ष नवंबर में क्राइम ब्रांच ने तीनों शिकायतकर्ताओं से पूछताछ करने के लिए उन्हें नोटिस भेजा था, लेकिन किसी कारण से उनसे पूछताछ नहीं की जा सकी थी। अब जाकर पहली बार क्राइम ब्रांच ने सांसद से पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक पहले तीनों शिकायतकर्ताओं से पूछताछ करने के बाद क्राइम ब्रांच आरोपितों से पूछताछ करेगी। गौरतलब है कि गत वर्ष वजीराबाद में सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान बवाल हुआ था। शिकायतकर्ताओं ने मारपीट के आरोप लगाए हैं।

ये हैं तीनों मामले

एक- उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने पांच धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मुकदमे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व आप के ओखला से विधायक अमानतुल्ला खान को नामजद करते हुए अज्ञात कार्यकर्ताओं को आरोपित बनाया गया है। जिन पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया उनमें हत्या का प्रयास, मारपीट, आपराधिक साजिश रचना, गलत तरीके से रास्ता रोकना व धमकी देना शामिल है।

दो-मुखर्जी नगर निवासी भाजपा कार्यकर्ता बीएन झा की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने विधायक अमानतुल्ला खान व बुराड़ी से आप के विधायक संजीव झा समेत अज्ञात को आरोपित बनाया है। 

तीन-आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तौकीर की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने भाजपा सांसद मनोज तिवारी व भाजपा के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। उनके खिलाफ मारपीट, रोकने व धमकी देने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।