नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद बदमाशों हथियारों को लहराते हुए जश्न मानाया। कार से भागते समय सभी बदमाशों ने तेज आवाज में गाना बजाते हुए अलग-अलग तरह के हथियारों को लहराया। स्पेशल सेल द्वारा रविवार को गिरफ्तार किए गए शूटर अंकित और सचिन के मोबाइल फोन से बरामद हुए कुछ वीडियो में बदमाश वारदात के बाद खुशी मनाते हुए दिख रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि बदमाशों को किसी का डर नहीं है। वीडियो में दर्जन भर पिस्टल दिख रही हैं।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि जिन हथियारों को इस्तेमाल मूसेवाला की हत्या में किया गया था उसे शूटरों ने एक व्यक्ति को दे दिया था। उसकी तलाश अभी की जा रही है। बताया जा रहा है कि रविवार को पकड़े गए दोनों बदमाश काई वारदात करने के लिए दिल्ली आए थे। फिलहाल दोनों बदमाशों से स्पेशल सेल गहन पूछताछ कर रही है।

पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल तीसरे शूटर व एक अन्य को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कश्मीरी गेट इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान सोनीपत के सेरसा गांव के अंकित और भिवानी के बोहाल गांव के सचिन चौधरी के रूप में हुई है। इनके पास से दो पिस्टल, 19 कारतूस और पंजाब पुलिस की तीन वर्दी बरामद हुई हैं। दोनों पर पहले से संगीन धाराओं में राजस्थान और हरियाणा में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों बदमाश लारेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं।

विशेष आयुक्त हरगोविंद सिंह धालीवाल के मुताबिक, मूसेवाला की हत्या को लेकर स्पेशल सेल की टीम लगातार काम कर रही है। लारेंस बिश्नोई गिरोह पर मकोका लगा रखा है और एक दर्जन से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है। गत दिनों सेल ने हत्याकांड में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें दो शूटर शामिल थे। इस मामले में आगे छानबीन के दौरान स्पेशल सेल की टीम ने रविवार रात कश्मीरी गेट से शूटर अंकित और आश्रय देने वाले सचिन को गिरफ्तार किया। अंकित उन छह शूटरों में से एक है जिसने सिद्धू मूसेवाला पर फायरिंग की थी। सचिन ने हत्या के लिए चार शूटरों का इंतजाम किया था। अंकित के खिलाफ राजस्थान में हत्या प्रयास के दो मामले दर्ज हैं।

सबसे कम उम्र का शूटर है अंकित

अधिकारी के मुताबिक, महज साढ़े 18 साल का अंकित हत्या में शामिल छह शूटरों में सबसे कम उम्र का है। अंकित ने हत्या करी पहली वारदात को अंजाम दिया है। इससे पहले वह हत्या के प्रयास के दो मामलों में शामिल रहा है। छह माह पहले ही लारेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह में शामिल हुआ था। हत्या के बाद जहां-जहां शूटर छिपे वहां पर अंकित ने मूसेवाला का नाम कारतूस से लिखकर फोटो भी खिंचवाई। शूटरों ने वारदात के बाद हथियार लहराते हुए एक वीडियो भी बनाया था।

मास्क नहीं पहनने पर पकड़ में आए

सचिन सभी बदमाशें को छिपाने के लिए गुजरात के कच्छ लेकर गया। वहां पर प्रियव्रत मास्क नहीं पहन रहा था। बिना मास्क वह बाहर भी घूमता था। ऐसे में अंकित और दीपक छिपने के लिए अलग जगह चले गए। इसके कुछ ही दिन बाद सेल ने प्रियव्रत, काशिश और केशव को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शूटर वारदात के बाद पंजाब, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, गुजरात और झारखंड में 35 जगहों पर छिपे थे। कई बार पुलिस टीम इनके ठिकाने तक भी पहुंची, लेकिन तभी वह फरार हो जाते थे।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari