नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि सिद्धू को अपनी टीम में शामिल करके उन्हें खुशी होगी। केजरीवाल के इस बयान को सिद्धू के आप में शामिल होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर सिद्धू की इस नई पारी की मध्यस्थता कर रहे हैं। आप सूत्रों का कहना है सिद्धू को लेकर बात चल रही है। हालांकि अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि कोविड-19 के थोड़ा कमजोर पड़ते ही सिद्धू की केजरीवाल से मुलाकात हो सकती है।

वहीं आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी व तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि सिद्धू से औपचारिक रूप से उनकी कोई बात नहीं हुई है। मगर उन्होंने साफ किया कि जो अच्छे लोग कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल में घुटन महसूस कर रहे हैं, उनका आम आदमी पार्टी में स्वागत है। पंजाब की भलाई के लिए उन्हें आगे आना चाहिए। जानकारों की मानें तो 2017 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले राजनीति के 'हरफनमौला' खिलाड़ी नवजोत सिंह सिद्धू अब आम आदमी पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले 2016-2017 में भी उनके आम आदमी पार्टी में शामिल होने की चर्चा चली थी। मगर बाद में किसी कारण से आप में शामिल नही हो पाए थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

सिद्धू अभी पंजाब की अमृतसर ईस्ट सीट से कांग्रेस पार्टी से विधायक हैं। हालांकि कांग्रेस में शामिल होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनकी तल्खी बरकरार रही। उन्हें बाद में कैबिनेट से भी बाहर का रास्ता दिखाया गया। आप की पंजाब यूनिट के प्रमुख भगवंत मान ने भी इस साल मार्च में कहा था कि सिद्धू के पार्टी में शामिल होने पर उनका स्वागत रहेगा।

अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे पंजाब में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले 'आप' का दामन थामने की तैयारी में हैं। सिद्धू चाहते हैं कि वह पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक लड़ाई का लाभ उठाकर बड़ा मुकाम हासिल करें। इसके लिए वह आप में शामिल होकर विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा बनना चाहते हैं।