नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अनलाक के दूसरे चरण में बाजारों को खुले पांच दिन हो गए हैं, लेकिन कोरोना संबंधी जारी दिशानिर्देशों के पालन में लापरवाही अभी भी जारी है। पुरानी दिल्ली के बाजारों खासकर चांदनी चौक, सदर बाजार, भागीरथ पैलेस, मटिया महल व चावड़ी बाजार में बिना मास्क के या मास्क को नाक से हटाए हुए लोग दिख रहे हैं। इसी तरह सड़क व फुटपाथ के साथ ही दुकानों के भीतर भी उचित दूरी के नियम का पालन नहीं किया जा रहा हैं। इसके अलावा कोरोना संबंधी नियम तोड़ने को लेकर जागरूकता और चालान की कार्रवाई का भी अभाव दिखाई दे रहा है। तकरीबन 50 दिनों के लंबे लाकडाउन के बाद सोमवार से दिल्ली के बाजारों को खोलने की अनुमति मिली है।

वह भी इस शर्त पर कि दुकानें आड-इवेन के आधार पर खुलेंगी, लेकिन इसका पालन पहले दिन से ही नहीं हो रहा है। पुरानी दिल्ली के थोक व खुदरा बाजारों में कई दुकानदार सभी दिन दुकानें खोल रहे हैं। वहीं, कनाट प्लेस व करोलबाग जैसे बाजारों में भी लापरवाही का आलम दिख रहा है। द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन, कूचा महाजनी के चेयमैन योगेश सिंघल इन लापरवाही पर चिंता जताते हुए कहते हैं कि यह हम सभी के लिए भारी पड़ सकती है। इसलिए सभी दुकानदारों को सचेत रहना चाहिए।

व्यवस्था बनाए रखने को अधिकारी व्यापारियों संग कर रहे बैठकें

बाजार संगठनों के साथ ही अधिकारी भी बाजारों में व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी जहां व्यापारियों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं, बाजार संगठन कोशिश कर रहे हैं कि ऐसी स्थिति दोबारा न हो कि दिल्ली में फिर लाकडाउन लगाने की नौबत आ जाए। बृहस्पतिवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ चांदनी चौक के व्यापारी नेताओं की बैठक दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) के कार्यालय में हुईं।

बैठक में सिटी एसपी जोन के उपायुक्त राजेश गोयल व अतिरिक्त आयुक्त अमिताभ मौजूद रहे, जबकि व्यापारी संगठनों की ओर से डीएचएमए के महासचिव श्री भगवान बंसल, चांदनी चौक के प्रधान संजय भार्गव, सदर बाजार के प्रधान राकेश यादव, महामंत्री राजेंद्र शर्मा, भागीरथ प्लेस इलेक्ट्रानिक मार्केट के प्रधान भारत आहूजा व भागीरथ पैलेस दवा मार्केट के प्रधान आशीष ग्रोवर समेत अन्य मौजूद रहे।

बैठक में अधिकारियों द्वारा व्यापारी नेताओं से दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कहा कि यदि इन नियमों का पालन नहीं होता है और दिल्ली में पांच फीसद से ज्यादा संक्रमण दर होती है तो सरकार को पुन: लाकडाउन लगाने को बाध्य होना पड़ेगा।

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