नई दिल्ली [संतोष शर्मा]। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पैरोल जंप कर फरार चल रहे धौलाकुआं सामूहिक दुष्कर्म के दोषी शमशाद को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। मूल रूप से फरीदाबाद, हरियाणा निवासी बदमाश को वर्ष 2010 में हुए दुष्कर्म मामले में उम्र कैद की सजा सुनवाई गई है। जेल से पैरोल पर बाहर आने के बाद वह ताबड़तोड़ वारदात कर रहा था। गत दो महीने में उसने दिल्ली में एटीएम लूट की 12 घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस ने बदमाश के पास से एक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए हैं।

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि गत तीन महीने में दिल्ली में एटीएम तोड़कर उससे लूटपाट की कई घटनाएं घटी थीं। इनमें शामिल बदमाशों को दबोचने के लिए इंस्पेक्शन ईश्वर सिंह की टीम को लगाया गया था। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि एटीएम से लूटपाट करने वाला एक बदमाश 22 फरवरी को गोकलपुरी मेट्रो स्टेशन के समीप आने वाला है।

इसका पता चलते ही पुलिस की टीम ने शमशाद को घेर लिया। पुलिस को देखते हुए बदमाश ने पिस्टल निकाल पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। लेकिन बगैर कोई नुकसान के पुलिस ने शमशाद को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि धौला कुआं दुष्कर्म मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा बदमाश गत वर्ष अप्रैल में पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसी बीच कोरोना के कारण उसकी पैरोल की अवधि 20 फरवरी 21 तक बढ़ा दी गई थी। लेकिन उसने जेल में आत्मसमर्पण नहीं किया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शमशाद लिकायत गिरोह के बदमाशों के साथ लगातार वारदात कर रहा था। गत दो महीने में इस गिरोह ने 12 एटीएम से 1.35 लाख रुपये लूटे थे। शमशाद पर दिल्ली और हरियाणा में हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, पुलिस पर हमला, पशु तस्करी व आर्म्स एक्ट के तहत 16 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2010 में शमशाद ने गिरोह के चार साथियों के साथ धौलाकुआं इलाके में एक युवती से टैम्पो में सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में गिरफ्तार सभी पाचों आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनवाई गई है।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप