नई दिल्ली, जेएनएन।  नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले दो महीने से प्रदर्शन जारी है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ वार्ताकारों को नियुक्त किया है, जो कि प्रदर्शनकारियों से जगह बदलने की अपील करेंगे। प्रदर्शनकारियों से वार्ताकार मिलें इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा आरोप लगाया है। अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ प्रदर्शनकारियों को सवाल समझा रही हैं।

भाजपा का दावा है कि वार्ताकारों से बात करने के लिए शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण भी कोई और नहीं बल्कि तीस्ता सीतलवाड़ दे रही हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट कर यह दावा किया है कि वार्ताकारों से क्या सवाल-जवाब करने हैं उसका प्रशिक्षण प्रदर्शनकारियों को तीस्ता सीतलवाड़ दे रही हैं। अमित ने लिखा कि देखिए यह आंदोलन कितना स्वत: स्फूर्त है।

अमित मालवीय ने शाहीन बाग का दावा करते हुए जो वीडियो जारी किया है, उसमें तीस्ता सीतलवाड़ खड़ी हैं। उनके साथ मौजूद एक युवती प्रदर्शनकारियों को सवाल समझा रही हैं। वो कह रही हैं कि ये सवाल हैं लेकिन जवाब किसी को नहीं देना है।

पहला सवाल: क्या शाहीन बाग आंदोलन की जगह बदलने से आंदोलन कमजोर होगा?

दूसरा सवाल: अगर जगह बदलने की बात होती है तो महिलाओं की हिफाजत की जिम्मेदारी कौन लेगा?

तीसरा सवाल: आंदोलन की वजह से कुछ पब्लिक को दिक्कत हो रही है, इसके बारे में हमें क्या करना है?

चौथा सवाल: आधा रास्ता खोलने से मसला हल होगा क्या?

पांचवां सवाल: क्या शाहीन बाग आंदोलन का रंगरूप बदलने से आंदोलन कमजोर होगा क्या?

वीडियो में इन सवालों को पूछने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ माइक संभालती हैं और सवालों को समझाना शुरू करती हैं। उन्होंने कहा कि रंग-रूप का मतलब है कि आप लोग यहां पर 24 घंटे न बैठें, हफ्ते में एक बार या दो बार आए, कभी-कभी शाम को ही आएं। सवाल रखना हमारा फर्ज है। हालांकि, वीडियो के अंत में सवाल पूछने वाली युवती कहती हैं कि ये सिर्फ हमारे सवाल हैं जवाब आपके ही होंगे।

गुरुवार को फिर शाहीन बाग आएंगे वार्ताकार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े ने बुधवार को शाहीनबाग में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके सामने अपनी बात रखा। प्रदर्शनकारियों की तरफ से कहा गया कि उन्होंने तो सड़क को सिर्फ 150 मीटर बंद किया है, असली जाम को दिल्ली पुलिस ने किया है। पुलिस ने सड़क को 3 तरफ से बंद किया है। इस दौरान वार्ताकारों पर प्रदर्शनकारियों की तरफ से सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर सवालों की बौछार हुई। 2 घंटे तक चली बातचीत में गतिरोध नहीं टूटा। वार्ताकार अब गुरुवार को फिर से प्रदर्शनकारियों से बात करेंगे।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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