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नई दिल्ली, एजेंसी। पूर्व आइएएस अधिकारी और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) के अध्यक्ष शाह फैसल (Bureaucrat-turned-politician Shah Faesal) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के समक्ष दायर अपनी हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को वापस ले लिया। फैसल की पत्नी ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने हाल ही में हिरासत में पति से मुलाकात की थी, इस दौरान याचिका वापस लेने की बात कही थी।

इस पर पत्नी ने शाह फैसल की दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी हेबिस कॉरपस याचिका वापस ले ली. शाह फैसल के वकील ने कहा कि वो अपनी उस याचिका को वापस ले रहे हैं, जिसमें फैसल के लिए हेबिस कॉरपस की अर्जी लगाई गई थी। वहीं, कोर्ट ने कहा कि वह इस याचिका का निपटारा कर रहा है लेकिन किसी और कानूनी मदद के लिए फैसल के वकील कोर्ट का रुख दोबारा करने के लिए स्वतंत्र हैं।

वहीं शाह फैसल को लेकर केंद्र सरकार ने भी कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। इस दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि शाह फैसल जेल में नहीं, बल्कि डिटेंशन सेंटर में हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि फैसल की पत्नी बोल रही हैं कि वो मिलकर आई हैं और वे जेल में हैं। इस पर सरकार की ओर से दलील रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि फैसल को एक होटल में नजरबंद किया गया है। 

गौरतलब है कि नौकरशाह से राजनेता बने शाह फैसल को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद भारत को छोड़ तुर्की जा रहे शाह फैसल को श्रीनगर ले जाकर नजरबंद कर लिया गया था।

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Posted By: JP Yadav

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